भैंस बनी 'होस्ट' और गुलदार बना 'गेस्ट', उत्तराखंड के चंपावत के गांव में दिखा अनोखा नजारा
चंपावत के मानाढुंगा गांव में एक गुलदार ग्रामीण की गोशाला में घुसकर भैंस के पास दो घंटे तक आराम से बैठा रहा, जिससे गांव में हड़कंप मच गया। ...और पढ़ें
HighLights
मानाढुंगा गांव में गुलदार गोशाला में घुसकर बैठा
दो घंटे बाद शोर मचाने पर गुलदार जंगल भागा
वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी
संवाद सहयोगी, लोहाघाट (चंपावत)। गुमदेश क्षेत्र के मानाढुंगा गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक गुलदार अचानक ग्रामीण की गोशाला में घुसकर आराम से बैठ गया। गोशाला में बंधी भैंस के पास गुलदार को देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए।
सूचना फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। करीब दो घंटे तक आराम फरमाने के बाद गुलदार चुपचाप जंगल की ओर चला गया।
ग्रामीण दीपक जोशी ने बताया कि गांव के ही द्वारिका सिंह की गोशाला में भैंस बंधी हुई थी। परिवार के सदस्य सुबह पशुओं को चारा देकर लौट आए थे।
टार्च की रोशनी में दिखा गुलदार
दोपहर बाद जब जंगल से चारा चरकर गाय गोशाला की ओर पहुंची तो अंदर असामान्य हलचल महसूस हुई। अंधेरा होने के कारण जब टार्च की रोशनी डाली गई तो एक ओर भैंस बंधी थी और दूसरी ओर गुलदार आराम से बैठा दिखाई दिया।
गोशाला के बाहर जुटी भीड़
गुलदार के गोशाला में मौजूद होने की खबर पूरे गांव में फैल गई। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने शोर मचाकर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन गुलदार काफी देर तक वहीं डटा रहा।
दो घंटे बाद जंगल भागा
लगभग दो घंटे की मशक्कत और लगातार शोर-शराबे के बाद वह आखिरकार गोशाला से निकलकर जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद गांव में दहशत के साथ-साथ तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
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गांव में तरह-तरह की चर्चा
कुछ ग्रामीण गुलदार को बूढ़ा और कमजोर बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे देवी शक्ति का संकेत मानकर चर्चा कर रहे हैं। इस अनोखी घटना का वीडियो भी ग्रामीणों ने बनाकर इंटरनेट मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है।
सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। रेंजर रमेश चंद्र जोशी ने कहा कि ग्रामीण अकेले जंगल की ओर न जाएं, बच्चों और पशुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें।
ग्रामीणों के लिए बढ़ता खतरा
बाराकोट ब्लॉक के सिमलखेत क्षेत्र में 10 जून को हुए गुलदार के हमले के बाद से वन विभाग पहले ही गश्त बढ़ाए हुए है।
ऐसे में मानाढुंगा की यह घटना लोगों की चिंता और बढ़ाने वाली साबित हो रही है। जंगल और आबादी के बीच बढ़ता संपर्क अब ग्रामीणों के लिए लगातार चुनौती बनता जा रहा है।
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