नंदा देवी बड़ी जात: 12 साल बाद पांच सितंबर को शुरू होगी यात्रा, कही जाती है हिमालयी महाकुंभ
नंदा देवी बड़ी जात, जिसे हिमालयी महाकुंभ भी कहते हैं, 5 सितंबर को सिद्धपीठ कुरुड़ से शुरू होगी।


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संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। नंदा देवी बड़ी जात के आयोजन की तिथि नजदीक आने के साथ ही चमोली जिले के यात्रा मार्ग से लगे गांवों में रौनक लौटने लगी है। लोक देवी नंदा की पूजा-अर्चना के लिए प्रवासी बड़ी तादाद में अपने गांव लौट रहे हैं। बड़ी जात के लिए गांवों के रास्तों पर सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। बड़ी जात पांच सितंबर को सिद्धपीठ कुरुड़ से शुरू होगी।
हर साल आयोजित होने वाली नंदा देवी लोकजात और 12 वर्ष में आयोजित होने वाली बड़ी जात हक-हकूकधारियों के सहयोग से ही अपने गंतव्य की ओर बढ़ती है। परंपरा के अनुसार इस धार्मिक यात्रा के दौरान एक गांव से दूसरे गांव तक देवी नंदा की डोली को पहुंचाने की जिम्मेदारी हक-हकूकधारियों की होती है।
हालांकि, आठवें पड़ाव रामणी के बाद डोली को ले जाने का जिम्मा रामणी के ग्रामीणों का है। पांच सितंबर को कुरुड़ से यात्रा शुरू होने के बाद जिस गांव में भी डोली जाएगी, वहां के ग्रामीण डोली को अगले गांव तक छोड़ने जाएंगे और तरह इस यात्रा में श्रद्धालुओं का कारवां बनने लगेगा।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के खाने-ठहरने की व्यवस्था भी हक-हकूकधारी ग्रामीणों की ही होगी। इसके लिए हक-हकूकधारी तैयारियों में जुट गए हैं। इन दिनों यात्रा मार्ग से लगे गांवों में लोग कुल देवी नंदा की जात को लोक उत्सव के रूप में मनाने के लिए तैयारियां कर रहे हैं। घरों में रंग-रोगन और रास्तों की सफाई की जा रही है। धियाणियों व प्रवासियों का गांव लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। गांवों में व्यवस्था समिति यात्रा में शामिल लोगों के भोजन व ठहरने की व्यवस्थाएं जुटा रही है। यह यात्रा हिमालयी महाकुंभ के रूप में भी जानी जाती है।
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नंदा से अन्य देवी-देवताओं को रामणी में होगा मिलन
नंदा देवी बड़ी जात के दौरान सबसे ज्यादा चुनौती निर्जन पड़ावों पर आती है। पांच निर्जन पड़ावों में वाण से आगे डोली ले जाने की व्यवस्था भी परंपरानुसार रामणी के ग्रामीण करते हैं। यात्रा के प्रमुख पड़ाव नंदानगर के रामणी गांव में मां नंदा के साथ दशोली बंड की डोली, भगवान बदरी विशाल की छंतोली, लाता की नंदा, कोट कंडारा दशोली पट्टी दशमद्वार की डोली सहित अन्य छंतोलियों का मिलन मां नंदा से होता है।
यहां से 13 सितंबर को बड़ी जात अगले पड़ाव के लिए रवाना होगी। रामणी से आगे और यात्रा के वापस लौटने तक नंदा देवी की डोली रामणी के ग्रामीण ही ले जाएंगे। रामणी में बड़ी जात के आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है।
11 सितंबर से तीन दिवसीय मेले का आयोजन
देव डोलियों के रामणी पहुंचने पर 11 सितंबर से तीन दिवसीय श्री नंदा देवी रामणी लोक सांस्कृतिक पर्यटन विकास मेले का आयोजन भी होगा। मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष सूरज पंवार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने डीएम व एसपी से मिलकर यात्रा कार्यक्रम पर चर्चा की है। 13 सिंतबर को बड़ी जात के अगले पड़ाव की ओर जाने के साथ मेले का समापन होगा।
