हेमकुंड साहिब यात्रा: बर्फबारी से सेना का दल घांघरिया में फंसा, कपाट खुलने से पहले चुनौती
हेमकुंड साहिब यात्रा की तैयारियों के तहत गुरुद्वारा प्रबंधन ट्रस्ट और सेना का एक दल बर्फ की स्थिति का जायजा लेने गया था। भारी बर्फबारी के कारण दल घांघ ...और पढ़ें

हेमकुंड साहिब।

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संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। हेमकुंड साहिब यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनजमेंट ट्रस्ट सक्रिय हो गया है।
गुरुद्वारा के सेवादारों के साथ सेना का तीन सदस्यीय दल हेमकुंड में बर्फ की स्थिति की जायजा लेने के लिए रवाना हुआ है, लेकिन शनिवार को धाम में हुई बर्फबारी के चलते वह घांघरिया से आगे नहीं बढ़ पाया।
हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट 23 मई को खोले जाने हैं। सेना की 418 इंजीनियरिंग कोर प्रतिवर्ष हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग व धाम से बर्फ हटाने का कार्य करती है।
इस कड़ी में बर्फ की स्थिति का जायजा लेने शुक्रवार को गुरुद्वारा के सेवादारों के साथ सेना का तीन सदस्यीय दल गोविंदघाट से हेमकुंड के लिए रवाना हुआ था।
शनिवार को टीम ने हेमकुंड साहिब जाना था, लेकिन सुबह से ही वर्षा व बर्फबारी के चलते उसे घांघरिया में डेरा डालना पड़ा।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनजमेंट ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड साहिब में पांच फीट से अधिक बर्फ होने का अनुमान है।
अटलाकोटी से हेमकुंड तक तीन किमी हिस्से में रास्ता बर्फ से पूरी तरह पटा हुआ है। सेना की टीम व सेवादार घांघरिया में मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। आज उनके हेमकुंड पहुंचने की उम्मीद है।
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