विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ई-फाइलिंग से घर बैठे कैसे दर्ज कराएं मुकदमा? ये है स्टेप बाई स्टेप प्रॉसेस

Published: Sun, 30 Aug 2026 11:24 AM (IST)Updated: Sun, 30 Aug 2026 11:57 AM (IST)

विधिक जागरूकता शिविर में ई-फाइलिंग, ई-सेवा केंद्र और ई-ट्रू कॉपी जैसी डिजिटल कानूनी सेवाओं की जानकारी दी गई।

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, बागेश्वर। न्याय व्यवस्था में तेजी से हो रहे डिजिटल बदलावों को लेकर ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में किया गया, जिसमें प्रशिक्षुओं को ई-फाइलिंग, ई-सेवा केंद्र और ई-ट्रू कापी जैसी विभिन्न कानूनी सेवाओं की जानकारी दी गई।

रिटेनर अधिवक्ता त्रिलोक चंद्र जोशी ने बताया कि न्याय व्यवस्था डिजिटल क्रांति के दौर से गुजर रही है। ई-फाइलिंग के माध्यम से लोग घर या कार्यालय से 24 घंटे आनलाइन मुकदमे दर्ज कर सकते हैं, जिससे कागजी प्रक्रिया में कमी और समय एवं संसाधनों की बचत होती है।

उन्होंने बताया कि ई-सेवा केंद्र जिला न्यायालयों और उच्च न्यायालयों में आम नागरिकों और अधिवक्ताओं के लिए सिंगल विंडो हेल्पडेस्क की तरह कार्य करते हैं। यहां डिजिटल तकनीक की जानकारी न रखने वाले लोग केस की स्थिति, सुनवाई की तारीख और अन्य न्यायिक सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें- ITR Filing New Feature: ई-फाइलिंग पोर्टल पर शुरू हुई नई सुविधा, अब टैक्सपेयर्स को होगा ये बड़ा फायदा

 सिंगल विंडो हेल्पडेस्क

ई-ट्रू कापी के माध्यम से आदेश और फैसलों की प्रमाणित प्रति भी डिजिटल रूप से प्राप्त की जा सकती है। शिविर में साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट, नशे के दुष्परिणाम, पोक्सो अधिनियम, मानव तस्करी, दहेज प्रथा, आपदा पीड़ितों के अधिकार और निश्शुल्क कानूनी सहायता जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गई।

अधिवक्ता प्रशांत कुमार पांडे ने निःशुल्क कानूनी सहायता, नालसा वीर परिवार सहायता योजना-2025 और अन्य कानूनी प्रावधानों के बारे में भी प्रशिक्षुओं को जागरूक किया। शिविर में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

ई-फाइलिंग की स्टेप बाई स्टेप प्रक्रिया

  • सबसे पहले आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं।
  • अपने पैन (PAN) नंबर और पासवर्ड का उपयोग करके लॉग-इन करें।
  • 'ई-फाइल' मेनू में जाकर संबंधित असेसमेंट ईयर (मूल्यांकन वर्ष) का चयन करें।
  • अपनी आय और टैक्स स्लैब के अनुसार सही आईटीआर फॉर्म चुनें।
  • फॉर्म में मांगी गई जानकारी जांचें, रिटर्न सबमिट करें और अंत में इसे आधार ओटीपी या अन्य विकल्पों से ई-वेरिफाई जरूर करें।

यह भी पढ़ें- बिहार के एक और न्यायालय में ई-फाइलिंग सेवा, शिवहर कोर्ट में ऑनलाइन दर्ज होंगे सभी मामले