बागेश्वर के सुमगढ़ में आज भी सड़क का इंतजार, बीमार महिला को चार किमी डोली में ढोया
बागेश्वर के सुमगढ़ गांव में सड़क न होने के कारण एक बीमार महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को चार किमी डोली में ढोना पड़ा। यह घटना पहाड़ों मे ...और पढ़ें

सड़क के इंतजार में सुमगढ़।
HighLights
बीमार कोमल देवी को चार किमी डोली में ले जाया गया।
सुमगढ़ गांव में सड़क सुविधा का गंभीर अभाव है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क बनाने की मांग की।
जागरण संवाददाता, बागेश्वर। पहाड़ की कठिनाइयों का एक उदाहरण सुमगढ़ गांव से सामने आया है। सड़क सुविधा के अभाव में 26 वर्षीय कोमल देवी की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों को उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए लगभग चार किमी तक डोली का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीणों ने किसी तरह कोमल को डोली में बैठाकर पैदल सड़क तक पहुंचाया, जहां से उन्हें वाहन द्वारा अस्पताल ले जाया गया।
बीमारी और आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए डोली का उपयोग ग्रामीणों की मजबूरी बन गई है। सुमगढ़ की यह घटना एक बार फिर पहाड़ों में सड़क सुविधा की वास्तविकता को उजागर करती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक सड़क पहुंचाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन वे आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
ग्रामीण हिमांशु कुमार, राजेंद्र प्रसाद, धनपाल और ग्राम प्रधान सुरेंद्र कोरंगा ने बताया कि सामान्य दिनों में आवाजाही तो हो जाती है, लेकिन जब कोई व्यक्ति अचानक बीमार पड़ता है, तो समस्याएं कई गुना बढ़ जाती हैं। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कोमल देवी को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाने की घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है।
उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गांव तक सड़क सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक पहाड़ के गांवों में सड़क के अभाव में जीवन इसी तरह डोली के सहारे चलता रहेगा। कोमल के पति अक्षय कुमार ने बताया कि उन्हें चार किमी डोली से लाना पड़ा और फिर सीएचसी कपकोट तथा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके पेट में दर्द था और उपचार के बाद अब हालात सामान्य हैं।