उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन को मजबूत करेंगे 'मंगल मित्र'
उत्तराखंड सरकार भूकंपीय संवेदनशीलता को देखते हुए आपदा प्रबंधन को माइक्रो लेवल पर मजबूत कर रही है।


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जागरण संवादादाता, अल्मोड़ा। राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री कुंदन लटवाल ने कहा कि उत्तराखंड भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है।
प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार अब माइक्रो लेवल पर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके तहत ग्राम पंचायतों को इकाई मानकर महिला एवं युवक मंगल दलों को आपदा राहत एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षित मंगल दल के सदस्य ‘मंगल मित्र’ के रूप में आपदा के समय सुरक्षा की पहली पंक्ति के तौर पर कार्य करेंगे। राज्य मंत्री कुंदन लटवाल ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रदेश की 7813 ग्राम पंचायतों में आपदा प्रबंधन की स्थानीय क्षमता को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 7057 महिला मंगल दल और 6811 युवक मंगल दल पंजीकृत हैं। इस प्रकार कुल 13,868 मंगल दल पंजीकृत हैं। प्रत्येक मंगल दल में 11 सदस्य होते हैं।
इन सभी सदस्यों को आपदा राहत एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण मिलने पर बड़ी संख्या में प्रशिक्षित स्थानीय स्वयंसेवक उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि मंगल दलों को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और जिला आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके साथ ही ग्राम पंचायतों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि आपदा की स्थिति में स्थानीय स्तर पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
लटवाल ने कहा कि आपदा प्रबंधन के साथ मंगल दलों को पर्यावरण संरक्षण समेत अन्य जनहित के कार्यों से भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमालय तभी सुरक्षित रहेगा, जब हम यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखेंगे।
राज्य मंत्री ने हाल में हवालबाग विकासखंड के वड्यूड़ा में हुई प्राकृतिक आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना में तीन लोगों की मृत्यु हुई।
उन्होंने बताया कि रात करीब दो बजे आपदा आई और रेस्क्यू टीम सुबह करीब साढ़े छह बजे मौके पर पहुंची। उन्होंने कहा कि यदि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित मंगल दल उपलब्ध होता तो आपदा के तत्काल बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सकता था। संभव है कि इससे लोगों की जान बचाई जा सकती।
उन्होंने कहा कि इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने और मंगल दलों को प्रशिक्षित कर ‘मंगल मित्र’ के रूप में तैयार करने की पहल की जा रही है।
