वाराणसी रोपवे को मिलेगी निर्बाध बिजली, 'इमरजेंसी लाइन' की भी व्यवस्था तैयार
वाराणसी रोपवे के संचालन के लिए पूर्वांचल डिस्काम ने पुख्ता बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की है। काशी विद्यापीठ में विशेष उपकेंद्र और एक 'लिंक लाइन' आपातका ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
रोपवे के लिए तीन अलग-अलग बिजली स्रोत।
काशी विद्यापीठ में विशेष विद्युत उपकेंद्र स्थापित।
आपातकालीन स्थिति हेतु 'लिंक लाइन' की व्यवस्था।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। जिले में निर्माणाधीन रोपवे संचालन के लिए बिजली आपूर्ति की पुख्ता व्यवस्था की गई है। पूर्वांचल डिस्काम ने विशेष इंतजाम किए हैं, जिससे बिजली कोई बाधा नहीं बनेगी। रोपवे को तीन अलग-अलग स्रोतों से बिजली मिलेगी।
काशी विद्यापीठ में रोपवे के लिए विशेष विद्युत उपकेंद्र बनाया गया है। यहां दो मुख्य स्रोत हैं। एक कज्जाकपुर से 120 केवी और दूसरा भेलूपुर से 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन। तीसरा स्रोत 'लिंक लाइन' के नाम से इमरजेंसी लाइन है, जो सभी स्टेशनों (कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर) तक बिछाई गई है।
यह अलग-अलग उपकेंद्रों से जुड़ी है और आपात स्थिति में तुरंत बिजली सप्लाई सुनिश्चित करेगी। उपकेंद्र पर एसएसओ सहित चार कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है, जो रोटेशन में 24 घंटे ड्यूटी देंगे और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान करेंगे।
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इसके अलावा, रोपवे कंपनी के पास जनरेटर और आपातकालीन बैटरी बैकअप भी है, जिससे बिजली कटने पर भी गोंडोला सुरक्षित रूप से नजदीकी स्टेशन तक पहुंच सकेगा। बिजली विभाग ने कंपनी को लगभग एक करोड़ रुपये का एस्टीमेट दिया है, लेकिन अभी कनेक्शन नहीं लिया गया।
चौकाघाट डिविजन के अधिकारी कुमार सौरभ ने आश्वासन दिया कि संचालन में बिजली संकट नहीं होगा। यह व्यवस्था काशी के लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए रोपवे को निर्बाध और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण है।