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    सड़क हादसे में बनवाएं पेशेंट आईडी, मिलेगा डेढ़ लाख तक कैशलेस इलाज; वाराणसी पुलिस ई-डीएआर ID में अव्वल

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 06:30 AM (GMT+05:30)

    सड़क दुर्घटना में घायल होने पर डायल 112 पर सूचना देने से डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सकता है, जिसके लिए पुलिस पेशेंट आईडी बनाती है। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. डायल 112 पर सूचना से मिलेगा कैशलेस इलाज।

    2. पुलिस पेशेंट आईडी बनाकर अस्पताल पहुंचाएगी घायल को।

    3. वाराणसी ई-डीएआर आईडी जनरेट करने में प्रदेश में अग्रणी।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। सड़क दुर्घटना में घायल होने पर डायल 112 पर सूचना देकर चिकित्सा के लिए पुलिस की मदद ली जा सकती है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर घायल की पेशेंट आईडी बनाएगी और उसे अस्पताल पहुंचाएगी। इसके बाद प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत डेढ़ लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।

    यह योजना देश में 13 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई है। किसी भी सड़क पर हुए हादसे में घायल लोगों के लिए यह लागू है। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस सड़क दुर्घटनाओं में ई-डीएआर (इलेक्ट्रानिक डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट) आईडी जेनरेट करने में प्रदेश में पहले स्थान पर है।

    अब तक सड़क हादसों में घायल 21 लोगों को ई-डीएआर योजना का लाभ मिल चुका है। वाराणसी में 141 अस्पताल योजना से जुड़े हैं और 391 हादसे ई-डीएआर पोर्टल पर लिंक किए गए हैं। 34 पेशेंट आईडी योजना के तहत जेनरेट हुई हैं।

    18 जुलाई को लंका क्षेत्र में रमना टोल प्लाजा के निकट दो बाइकों की टक्कर में रोहनिया के कुरहुंवा निवासी विशाल घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती करा दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का विवरण दर्ज कर विशाल की पेशेंट आईडी जेनरेट की और उन्हें हेरीटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में भर्ती कराया।

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    अस्पताल ने इलाज के लिए प्राप्त 8,500 रुपये पेशेंट आईडी होने के कारण वापस कर दिए। अस्पताल भी घायल की पेशेंट आईडी बना सकते हैं, लेकिन उसे संबंधित थाना क्षेत्र के प्रभारी की मंजूरी के बाद ही मान्य माना जाएगा। प्रभारी यह सत्यापित करेंगे कि हादसा संबंधित थाना क्षेत्र में हुआ है और व्यक्ति उसमें घायल हुआ है।

    फर्जीवाड़ा रोकने के लिए यह व्यवस्था की गई है। पुलिस की मंजूरी नहीं मिलने पर अस्पताल में भर्ती घायल को इलाज का खर्च स्वयं उठाना होगा।

    इस तरह उठाएं पीएम राहत योजना का लाभ

    दुर्घटना होने पर तुरंत डायल 112 पर सूचना दें। इसके बाद समन्वय व्यवस्था के तहत एंबुलेंस और पुलिस घटनास्थल पर पहुंचेगी।-पुलिस अधिकारी ई-डीएआर पोर्टल पर दुर्घटना का विवरण दर्ज कर घायल की पेशेंट आईडी जेनरेट करेंगे।

    आईडी बनते ही योजना से जुड़े अस्पताल को अलर्ट मिल जाएगा। घायल के अस्पताल पहुंचते ही कैशलेस उपचार शुरू किया जा सकेगा।-अस्पताल टीएमएस (ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल के माध्यम से उपचार का भुगतान प्राप्त करेगा।

    पीएम राहत योजना को लेकर जागरूकता लाने के लिए गोष्ठियां कराई जा रही हैं। यह योजना सड़क हादसे में घायल सभी लोगों के लिए है। इसमें डेढ़ लाख रुपये या सात दिनों तक निश्शुल्क उपचार का प्रविधान है। हादसे के बाद एक घंटे का समय गोल्डन आवर होता है। -मोहत अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर, वाराणसी।

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