Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गंगा ही नहीं काशी व‍िश्‍वनाथ मंद‍िर में भी आस्‍था का उफान, बम-बम हो गई काशी, एक ही कामना - 'सम्‍हार रख‍िहा हे बाबा'

    By Abhishek sharmaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Mon, 10 Aug 2026 07:06 PM (IST)

    सावन के दूसरे सोमवार को काशी विश्वनाथ सहित वाराणसी के शिवालयों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा में बाढ़ के बावजूद कांवरियों और श्रद्धालुओं ने 'बोल ...और पढ़ें

    HighLights

    1. सावन के दूसरे सोमवार को काशी में उमड़ा भक्तों का सैलाब।

    2. गंगा में बाढ़ के बावजूद कांवरियों ने किया बाबा का अभिषेक।

    3. काशी विश्वनाथ सहित सभी शिवालयों में 'बोल बम' के जयकारे गूंजे।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। भगवान भोलेनाथ जहां सपर‍िवार व‍ि‍राजते हों, जहां भोले की आस्‍था मोक्ष का मार्ग प्रशस्‍त करती है वह काशी सावन माह के दूसरे सोमवार को भला क्‍यों ना आस्‍था पथ पर सावन की पींगों से गुलजार नजर आए। काशी का कंकर- कंकर- शंकर की मान्‍यता सावन के दूसरे सोमवार पर नजर आया। जहां बाबा दरबार से गांव गल‍ियों में मौजूद अन्‍य श‍िवालयों में भी आस्‍था का कोई ओर छोर नजर नहीं आया। 

    एक ओर काशी व‍िश्‍वनाथ सह‍ित प्रमुख श‍िवायलों में बोल-बम का घोष गूंजता रहा तो वहीं काशी व‍िश्‍वनाथ गंगे की आस्‍था गंगा के तटपर भी चरम पर नजर आई। आस्‍था के पथ पर गंगा की बाढ़ ने भी भक्‍तों के कदमों को नहीं रोका। गंग धार मानो काशी की गल‍ियों और बाबा धाम से एकाकार होने को आतुर नजर आई। गंगा में बाढ़ के पानी से गंगा द्वार से दर्शन भले ही बंद हो गया हो लेक‍िन व‍िश्‍वनाथ की चौखट को छूने को आतुर गंगा की लहरें आस्‍था की ह‍िलोरों ओं आस्‍था के सावन से पर‍िपूर्ण नजर आईं। 

    baba11

    भदोही से एक लेकर काशी तक कांवर‍ियों के ल‍िए सुरक्ष‍ित होने से बम बम, बोल बम, बाबा एक सहारा है, बोल बम का नारा है के उच्‍चारण और आस्‍था के पथ पर नंगे पांव बढ़े आ रहे बोल बम, डाक बम और ताड़क बम कांवर‍ियों से आस्‍था का सागर मानो काशी की ओर उमड़ पड़ा। कहीं जाम तो कहीं आस्‍था के श‍िवालयों पर अंंजुरी भर ही सही लेक‍िन जल और बेल पत्र चढ़ा पाने की कामना लेकर आए भक्‍तों ने बाबा का अभ‍िषेक कर पुण्‍य कमाया तो बम बम हो चली आस्‍था धूप से न‍िकले पसीने से भी कम नहीं हुई। 

    baba12

    क्‍या रेल, क्‍या बस और क्‍या न‍िजी वाहन हर तय रास्‍ते से बाबा धाम की ओर पहुंचने की आतुरता एक द‍िन पूर्व से ही नजर आने लगी थी। रात से ही रेल‍िंंग में डेरा डाले आस्‍थावानों और कांवर‍ियों की एक ही मनौती, मनुहार और च‍िरौरी क‍ि 'सम्‍हार रख‍िहा हे बाबा' बाबा की नगरी का हर कोना और हर श‍िवालय आस्‍था से ओतप्रोत नजर आया तो बीएचयू व‍िश्‍वनाथ, मारकंडेय महादेव, त‍िलभांडेश्‍वर, रामेश्‍वर महादेव सह‍ित सभी प्रमुख श‍िवालय बोल बम से गूंजरे रहे। 

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें काशी में सावन पर हाइटेक तैयार‍ियां, प्रशासन की सक्र‍ियता के साथ ही व‍िशेषज्ञों की टीम ने संभाला मोर्चा