काशी में गंगा का जलस्तर 70.60 मीटर तक पहुंचा, खतरा बिंदु के करीब पहुंचने को आतुर हुईं लहरें
काशी में गंगा का जलस्तर 70.60 मीटर पहुंच गया है और 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा ...और पढ़ें
HighLights
गंगा का जलस्तर 70.60 मीटर, 1 सेमी/घंटा की वृद्धि जारी।
नाव संचालन बंद, नाविकों की आजीविका पर गहरा संकट।
प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी में गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। केंद्रीय जल आयोग की 03 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे की रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर 70.60 मीटर दर्ज किया गया है और 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी जारी है। बाढ़ के कारण नाव संचालन बंद कर दिया गया है और गंगा अब सड़कों की ओर बढ़ रही है।
दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती छतों पर हो रही है। नाविक राहुल निषाद ने बताया कि गंगा मंदिर और जल पुलिस चौकी डूब गए हैं। वरुणा के रास्ते पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है। कोनिया में लोगों के घर डूब गए हैं। नाव बंद होने से नाविकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। गंगोत्री सेवा निधि के दिनेश महाराज ने बताया कि गंगा चेतावनी बिंदु पार कर सड़कों की ओर बढ़ रही है।
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गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। कई क्षेत्रों में जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ है, जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए टीमों को तैनात किया गया है। वहीं पीएम ने भी डीएम और महापौर को फोन कर अपनी काशी का हाल पूछा है।
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गंगा के किनारे बसे गांवों में पानी भरने से लोग अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां प्रभावित लोगों को भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण नाविकों की आजीविका पर भी संकट आ गया है। नाविक राहुल निषाद ने बताया कि नाव संचालन बंद होने से उनके लिए रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से सहायता की मांग की है ताकि वे इस कठिन समय में अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।
गंगोत्री सेवा निधि के दिनेश महाराज ने कहा कि गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर चुका है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। उन्होंने सभी से सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। गंगा के रौद्र रूप ने काशी में एक बार फिर बाढ़ की गंभीरता को उजागर किया है।
