काशी की गलियों में चलने लगी नाव, बाजार करने नाव से जा रहे बाढ़ प्रभावित लोग, बढ़ता ही जा रहा है गंगा- वरुणा का जलस्तर
गंगा और वरुणा नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण वाराणसी के कोनिया क्षेत्र में बाढ़ आ गई है, जिससे लोगों ...और पढ़ें
HighLights
कोनिया में गंगा-वरुणा के बढ़ते जलस्तर से बाढ़।
बाजार जाने और आवागमन के लिए नावों का उपयोग।
बाढ़ के पानी में सीवर मिलने से संक्रमण का खतरा।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। बाजार हाट करने अब घर से निकलने के बाद काशी के निचले इलाकों में लोग नाव से जाने लगे हैं। गंगा में बाढ़ के बाद वरुणा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से आदमपुर थाना क्षेत्र के कोनिया इलाके में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कोनिया स्थित पुल तक बाढ़ का पानी पहुंचने से आवागमन का रास्ता बंद हो गया है।
यह मार्ग कोनिया होते हुए सारनाथ क्षेत्र को जोड़ता है। रास्ता बंद होने के कारण खालिसपुर, सरायमोहना, चांदपुर, सलारपुर, सारनाथ और चौबेपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ के पानी से कोनिया, विजयपुरा, मोहम्मदपुरा, मोहन कटरा, कोनिया सट्टी और आम की बारी समेत आसपास के मोहल्ले भी प्रभावित हैं।
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कई स्थानों पर पानी भरने से लोगों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है। लोगों को घरों से बाहर निकलने और जरूरी काम के लिए आने-जाने में परेशानी हो रही है। गलियों में सीवर का पानी दुर्गंध दे रहा है, जिससे लोग परेशान हैं।
वरुणा का जलस्तर बढ़ने के साथ आसपास की गलियों और मोहल्लों में सीवर का पानी भी फैल गया है। इससे जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जलभराव के बीच लोगों को आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब बाढ़ का पानी और सीवर का पानी एक साथ आने से स्थिति और खराब हो गई है। लोगों को संक्रमण और गंदगी को लेकर भी चिंता सता रही है।
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बाढ़ से प्रभावित कई परिवारों को कोनिया में बनाए गए राहत शिविर में ठहराया गया है। प्रभावित लोग फिलहाल शिविर में रहकर पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि घरों में पानी भरा होने के कारण वापस लौटना संभव नहीं है। लोग जलस्तर कम होने के बाद ही अपने घरों में लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। बाढ़ के कारण प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने आवागमन, जलनिकासी और साफ-सफाई की समस्या गंभीर बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने, सीवर की सफाई कराने और आवागमन की व्यवस्था सुचारु कराने की मांग की है। फिलहाल क्षेत्र के लोग वरुणा के जलस्तर में कमी आने का इंतजार कर रहे हैं। पानी कम होने के बाद ही प्रभावित परिवारों के अपने घरों को लौटने और इलाके में जनजीवन सामान्य होने की उम्मीद है।
