ज्वालामुखी मंदिर के चढ़ावे और संपत्तियों की होगी उच्चस्तरीय जांच, सीएम ऑफिस के निर्देश पर कमेटी गठित
शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर रानीबारी के चढ़ावे और संपत्तियों में कथित अनियमितताओं की अब उच्चस्तरीय जांच होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर जिल ...और पढ़ें

ज्वालामुखी मंदिर के चढ़ावे और संपत्तियों की होगी उच्चस्तरीय जांच।
HighLights
ज्वालामुखी मंदिर के चढ़ावे और संपत्तियों की उच्चस्तरीय जांच।
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर जिलाधिकारी ने समिति बनाई।
वित्तीय अनियमितताओं और अभिलेखों की होगी गहन पड़ताल।
जागरण संवाददाता, शक्तिनगर (सोनभद्र)। शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर रानीबारी में चढ़ावे, दानपात्र, अमानती धनराशि और मंदिर की संपत्तियों के रखरखाव व आय-व्यय को लेकर लगाए गए आरोपों की अब उच्चस्तरीय जांच होगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर जिलाधिकारी चर्चित गौंड़ ने जांच समिति गठित कर दी है। जिला पर्यटन अधिकारी के नेतृत्व में समिति प्रकरण से जुड़े अभिलेखों और वित्तीय विवरणों की जांच करेगी।
मंदिर के प्राधिकृत पुजारी हेमंत मिश्र की ओर से मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में चढ़ावे, दानपात्र, अमानती धनराशि, स्वर्ण-रजत आभूषणों समेत मंदिर की अन्य संपत्तियों के रखरखाव और आय-व्यय में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत में मंदिर से संबंधित अभिलेखों की स्थिति, चढ़ावे और अन्य संपत्तियों पर नियंत्रण तथा वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में वर्ष 2010 में मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर हुई जांच का उल्लेख करते हुए पूर्व में दिए गए शिकायती पत्रों और जांच आख्या का भी संदर्भ दिया गया है।
वर्ष 2018 में जिलाधिकारी के समक्ष शपथपत्र के साथ दी गई शिकायत का भी हवाला दिया गया है। शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर में सोनभद्र के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार समेत विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर के चढ़ावे और संपत्तियों से जुड़ा मामला श्रद्धालुओं की आस्था से भी जुड़ा है।