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    कलयुग के श्रवण कुमार: 85 साल की मां को कांवड़ में बैठाकर पैदल निकले दो भाई, एक तरफ मां... दूसरी तरफ 11 kg गंगाजल

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 03:00 AM (GMT+05:30)

    हापुड़ के रोहित और रजत अपनी 85 वर्षीय मां की इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे हैं। उनकी मातृभक्ति ने लो ...और पढ़ें

    मंडी धनौरा से अपनी माता को कांवड़ में बैठाकर गुजरते हापुड़ के कांवड़िये।जागरण

    मंडी धनौरा से अपनी माता को कांवड़ में बैठाकर गुजरते हापुड़ के कांवड़िये।जागरण

    HighLights

    1. 11 अगस्त को गांव के शिवालय में करेंगे भगवान शिव का करेंगे जलाभिषेक

    नवीन वर्मा, मंडी धनौरा (अमरोहा)। कलयुग में जहां रिश्तों में अपनापन कम होने की बातें सामने आती रहती हैं, वहीं हापुड़ के दो सगे भाइयों रोहित और रजत ने मातृभक्ति की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हापुड़ के गांव आलमनगर निवासी रोहित और रजत अपनी 85 वर्षीय मां को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर गांव लौट रहे हैं।

    मंडी धनौरा से गुजरते समय उनकी कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। दोनों भाइयों की 85 वर्षीय मां की इच्छा थी कि वह हरिद्वार से गंगाजल लाकर अपने गांव स्थित शिव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करें।

    अधिक उम्र होने के कारण मां के लिए हरिद्वार तक जाना संभव नहीं था। ऐसे में दोनों बेटों ने मां की इच्छा को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए उसे पूरा करने का संकल्प लिया। रोहित और रजत ने मां को कांवड़ के एक छोर पर बैठाया, जबकि दूसरे छोर पर 11 किलो गंगाजल रखा।

    दोनों भाई कांवड़ को कंधे पर उठाकर हरिद्वार से अपने गांव आलमनगर के लिए रवाना हुए। शनिवार को जब दोनों भाई मां को कांवड़ में बैठाकर मंडी धनौरा से गुजरे तो राहगीर उन्हें देखने के लिए रुक गए। लोगों ने दोनों भाइयों की मातृभक्ति की सराहना की।

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    बुजुर्ग मां को कांवड़ में बैठाकर ले जाने की तस्वीर और दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। रोहित और रजत ने बताया कि उनकी मां की इच्छा थी कि वह हरिद्वार का गंगाजल अपने गांव के शिव मंदिर में भगवान शिव को अर्पित करें।

    मां की इच्छा पूरी करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। दोनों भाई 11 अगस्त को गांव आलमनगर स्थित शिव मंदिर में गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।

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