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खलीलाबाद-बहराइच रेल परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई तेज

Published: Wed, 26 Aug 2026 07:53 PM (GMT+05:30)

खलीलाबाद-बहराइच नई रेल परियोजना के लिए सिद्धार्थनगर के बांसी तहसील के 15 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. खलीलाबाद-बहराइच रेल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज।

  2. बांसी तहसील के 15 गांवों में होगा भूमि का सत्यापन।

  3. नई रेल लाइन व आरओबी के लिए भूमि का निरीक्षण।

जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। खलीलाबाद-बहराइच नई रेल परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी। बांसी तहसील क्षेत्र के 15 गांवों में प्रस्तावित रेल लाइन और रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा।

नई रेल लाइन के लिए चयनित 10 गांवों में 31 अगस्त से निरीक्षण शुरू होगा। वहीं, एनएच-28 के रेलवे चैनेज 53600 पर प्रस्तावित आरओबी संख्या 77 के लिए पांच गांवों में भूमि का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से संबंधित किसानों की अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के संबंध में धारा 20 ई का अंतिम गजट प्रकाशन हो चुका है। भारत के राजपत्र में इसका प्रकाशन 14 जुलाई को किया गया था। स्थानीय समाचार पत्रों में भी 20 से 31 जुलाई तक प्रकाशन कराया गया। अब विशेष भूमि अध्याप्ति विभाग की ओर से आगे की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।

नई रेल लाइन के लिए अंतरखुसवा, परसिया, बहेरवा, अकसरा माफी, मिठवल खुर्द (मिठवल कला), सिसई कला, गिधौरा, सिसवा, पेड़ार और बाम्हनपुरवा गांवों में भूमि का सत्यापन किया जाएगा। वहीं आरओबी संख्या 77 के लिए कोल्हुआ बुजुर्ग तपा असनार, छितौना तपा असनार, बाजारडीह, कोल्हुआ खुर्द तपा असनार और पुरबेला माफी गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों में 17 से 21 अगस्त तक सुबह 11 बजे से भौतिक सत्यापन का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था।

गाटेवार जुटाया जाएगा भूमि का ब्योरा

संयुक्त टीम प्रत्येक प्रभावित किसान की भूमि का गाटेवार विवरण जुटाएगी। इसमें अधिग्रहण की जद में आने वाली भूमि, चकरोड और सामान्य श्रेणी की भूमि का सत्यापन किया जाएगा। किसानों से संबंधित अभिलेख लेने के बाद विशेष भूमि अध्याप्ति विभाग और पूर्वोत्तर रेलवे के अभिलेखागार में दस्तावेजों का मिलान कराया जाएगा।

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भूमि किसी न्यायालय में विवादित है या बैंक में बंधक है, इसकी भी जांच होगी। सत्यापन टीम में राजस्व निरीक्षक, हल्का लेखपाल, सक्षम प्राधिकारी कार्यालय के कनिष्ठ सहायक, भूमि अध्याप्ति अमीन और पूर्वोत्तर रेलवे के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संयुक्त टीम को गांवों में जाकर भूमि का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। गाटेवार विवरण जुटाकर अभिलेखों का मिलान कराया जाएगा। सत्यापन में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

                                                           गौरव श्रीवास्तव, प्रभारी विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी