अंकित बालियान हत्याकांड: शूटरों का होटल सीसीटीवी फुटेज वायरल, फरार बदमाश ने डर से डिलीट की इंस्टा आईडी
शामली में अंकित बालियान हत्याकांड से पहले शूटरों के होटल में रुकने का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें बदमाश ...और पढ़ें

अंकित बालियान हत्याकांड।
HighLights
शामली होटल में रुके थे शूटर, सीसीटीवी फुटेज आया सामने।
मुठभेड़ में दो शूटर ढेर, फरार सत्यम ने इंस्टा आईडी हटाई।
गोगी गैंग कनाडा से स्नैपचैट द्वारा संचालित, पुलिस की कार्रवाई जारी।
जागरण संवाददाता, शामली। अंकित बालियान हत्याकांड से पहले दोनों शूटर 20 अगस्त की रात शामली के बस स्टैंड के निकट एक होटल में रुके थे। उसके सीसीटीवी सोमवार को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए, जिसमें बदमाश आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। बदमाशों ने यहां अपने आधार कार्ड भी जमा किए थे और ऑनलाइन भुगतान किया गया था।
अन्य दो शूटर सत्यम और आर्यन की तलाश की जा रही है। जांच में पता चला कि शूटरों ने अंकित की हत्या से पहले रेकी की थी। 20 अगस्त को हत्यारे शहर के विजय चौक के निकट एक होटल में रुकने के लिए आए थे। उन्होंने अपनी आइडी जमा की और अपनी नंबर-एक की बाइक से शामली आए थे।
इसके बाद पूरी रात होटल में रहे। शाम में उन्होंने जिम के पास पहुंचकर अंकित बालियान की गाड़ी में जीपीएस भी गलाया था। हालांकि 21 को वह हटा दिया था। पुलिस ने शनिवार रात में ही होटल के डीवीआर को कब्जे में लेकर होटल बंद करा दिया था। सोमवार को बदमाशों के ढेर होने के बाद दोनों बदमाशों के होटल में रुके सीसीटीवी फुटेज प्रसारित हो रहे हैं।
दो शूटरों के ढेर होते ही सत्यम ने इंस्टाग्राम से डिलीट किए अकाउंट
अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल दो इनामी शूटरों के पुलिस मुठभेड़ में ढेर होने के बाद अन्य फरार दोनों शूटरों में खौफ है। हत्याकांड के बाद से ही इंस्टाग्राम पर एक्टिव चल रहा पंपू गैंग का शूटर और फरार आरोपित सत्यम सोमवार तड़के एनकाउंटर की खबर आते ही दहशत में आ गया।
पकड़े जाने और पुलिस की कार्रवाई के डर से उसने इंस्टाग्राम पर बने अपने तीनों इंटरनेट मीडिया अकाउंट बंद कर दिए। सोमवार सुबह लगभग छह बजे के बाद से उसकी तीनों आइडी डिलीट पाई गईं।
अंकित की हत्या के बाद से ही फरार बदमाश लगातार उत्तर प्रदेश के स्थानीय समाचार पत्रों, टीवी न्यूज चैनलों और डिजिटल प्लेटफार्म पर चलने वाली एक-एक खबर पर नजर बनाए हुए थे। शूटर मीडिया कवरेज के जरिए पुलिस और एसटीएफ की हर गतिविधि और लोकेशन की जानकारी जुटा रहे थे, ताकि अपनी फरारी का रास्ता सुरक्षित कर सके।
फरार शूटरों को समझ आ गया कि पुलिस की सर्विलांस और एसटीएफ की टीमें उनके बेहद करीब पहुंच चुकी हैं। इसी खौफ के चलते सत्यम ने अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स को डिलीट कर अपना डिजिटल ट्रेल मिटाने का प्रयास किया है।
फिलहाल पुलिस की साइबर सेल और स्पेशल टीमें फरार चल रहे सत्यम और उसके अन्य साथियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
कनाडा से स्नैपचैट पर चल रहा था गोगी गैंग में संवाद
अंकित बालियान हत्याकांड के राजफाश में पुलिस को जानकारी मिली कि कनाडा में बैठा गोगी गैंग का सरगना भोलू शाहपुरिया स्नैप चैट के जरिए गिरोह का संचालन कर रहा है। अंकित की हत्या के लिए जिन शूटरों को टास्क दिया था, उन्हें भी स्नैपचैट आइडी पर ही बातचीत करने के निर्देश दिए थे।
सर्विलांस और पुलिस की पकड़ से दूर रहने के लिए शूटरों ने हत्या की योजना बनाने से लेकर उसे अंजाम देने और घटना के बाद फरार होने तक 10-10 स्नैपचैट आइडी का इस्तेमाल किया था। अंकित की हत्या करने के लिए शूटरों ने घटनास्थल की रेकी, पूरे रूट चार्ट और पल-पल की फोटो स्नैप चैट के जरिए ही गोगी गैंग के मुख्य हैंडलर (सरगना) मोंटी मान को कनाडा भेजी जाती थी।
मोंटी जहां स्नैपचैट आइडी को हैंडल कर रहा था, वहीं भोलू शाहपुरिया स्नैप काल के जरिए शूटरों को निर्देश दे रहा था। गैंग के पूरे नेटवर्क के बीच समन्वय और तालमेल का काम चिराग को सौंपा गया था। मोंटी, चिराग और राहुल तीनों ही कनाडा में रहते हैं। बदमाशों को जो-जो टास्क दिया जाता था, वे उसी आधार पर काम करते थे।
हर स्थिति की फोटो भी शूटरों से स्नैपचैट पर ही मंगाई गई थी। स्नैपचैट और डिजिटल ट्रेल से मिले इन अहम सुराग के आधार पर पुलिस ने गोगी गैंग का पूरा नेटवर्क खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े 100 सक्रिय गुर्गों को अपने रडार पर ले लिया है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में लगातार दबिश दी जा रही है।
अंकित के घर पहुंचे जयंत चौधरी
अंकित बालियान हत्याकांड के बाद राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी सोमवार सुबह 11:20 बजे गांव बंतीखेड़ा पहुंचे। उन्होंने अंकित के स्वजन से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इसके बाद उन्होंने हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
अंकित के पिता सतबीर फौजी ने रालोद अध्यक्ष को बताया कि मामले में दो आरोपितों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद हुई पुलिस कार्रवाई से वह संतुष्ट हैं, लेकिन अभी पूर्ण संतुष्ट नहीं हैं। कहा कि जिस प्रकार दो आरोपितों को सजा मिली है, उसी प्रकार हत्याकांड में शामिल सभी आरोपितों को भी सजा मिलनी चाहिए।
मृतक की मां मुन्नी ने भी पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि जब तक पूरे गिरोह का जड़ से खात्मा नहीं होगा, तब तक उन्हें पूर्ण संतुष्टि नहीं मिलेगी। अंकित की पत्नी सीमा ने कहा कि पुलिस कार्रवाई से कुछ हद तक संतोष है और उन्हें लग रहा है कि मामला आगे बढ़ रहा है, लेकिन न्याय तभी मिलेगा जब पूरे गिरोह के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जयंत चौधरी ने कहा कि एक दिन पूर्व ही उन्होंने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अंकित हत्याकांड के संबंध में चर्चा की थी। शासन मामले को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने स्वजन से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि वे अकेले नहीं हैं और कानून पर आम आदमी का भरोसा कायम रहना चाहिए।
गोली लगने से ढेर हुए गोगी गैंग के दोनों शूटर
हरियाणवी सिंगर हत्याकांड में शामिल कुख्यात गोगी गैंग के दो इनामी शूटरों के साथ हुई मुठभेड़ को शामली जिले के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़ माना जा रहा है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम का नेतृत्व खुद पुलिस अधीक्षक कर रहे थे।
बदमाशों ने पुलिस टीम को देखते ही जानलेवा हमला करते हुए 15 राउंड फायरिंग की, जिसमें अधिकारियों व पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोलियां जा धंसी। इस पूरे मामले में बड़ी बात यह है कि घटना का मुकदमा खुद एसपी ने दर्ज कराया है।
सोमवार तड़के जैसे ही पुलिस को गोगी गैंग के शूटरों की लोकेशन की सूचना मिली, वैसे ही एसपी एनपी सिंह खुद मौके पर पहुंचे और टीम को लीड किया। उनके साथ अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला, एसओजी प्रभारी राहुल सिसौदिया और झिंझाना थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना की टीम मौजूद थी।
बदमाशों की ओर से अचानक शुरू हुई फायरिंग में एक-एक गोली एसपी एनपी सिंह, एएसपी सुमित शुक्ला, थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि एसओजी प्रभारी राहुल सिसौदिया की बुलेटप्रूफ जैकेट में दो गोली लगी। जैकेट की वजह से सभी बाल-बाल बच गए। अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की ओर से आठ राउंड फायरिंग की गई, जिसमें एक-एक गोली दोनों बदमाशों को लगी।
इनामी शूटर मोहित के सिर में और सुमित के सीने में गोली लगी, जिससे दोनों ढेर हो गए। देर रात चिकित्सकों के पैनल द्वारा दोनों शवों की वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी की गई, जबकि इससे पूर्व दोनों के एक्सरे भी कराए गए। एसपी एनपी सिंह की ओर से इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराया गया। इस प्रकरण की विवेचना थाना प्रभारी कोतवाली करेंगे।
जांच में मारे गए शूटरों की पारिवारिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी सामने आई है। शूटर सुमित दो भाई हैं, जिसमें उसका भाई यशपाल वाई-फाई लगाने का काम करता है और पिता बोरिंग का कार्य करते हैं। उसकी दो बहनों के पति मजदूरी करते हैं।
वहीं दूसरे शूटर मोहित का छोटा भाई 11वीं कक्षा का छात्र है और उसकी मां नौकरी करती है, जबकि उसके दिवंगत पिता कैटरिंग का काम करते थे। दोनों बदमाश अपने परिवारों से अलग होकर लंबे समय से गोगी गैंग के लिए किराए पर हत्या जैसे संगीन अपराधों को अंजाम दे रहे थे।
जिस गाने ने देशभर में दिलाया था नाम, वही बना मौत का कारण
सिंगर अंकित की हत्या के पीछे की मुख्य वजह उस गाने की रंजिश के रूप में सामने आई है, जिसने देशभर में उनको पहचान दिलाई थी। करीब चार साल पहले तक एक सामान्य युवक की तरह जीवन जी रहे अंकित ने जब हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा था, तो एक गाने में काम किया।
भरी कोर्ट में गोली मारने के अभिनय वाले इस गाने ने रिलीज होते ही इंटरनेट मीडिया पर धूम मचा दी थी, और एक ही दिन में करोड़ों व्यूज हासिल किए थे। हालांकि, इसी गाने की सफलता के साथ अंकित बालियान बदमाशों की नजरों में चढ़ गए थे। गाना प्रसारित होने के तुरंत बाद अंकित को कनाडा में बैठे गोगी गैंग से लगातार धमकी मिली थी।
तभी से उनके खिलाफ हत्या की साजिश रची जा रही थी। जिस गाने ने उनको शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचाया, वही आखिर में उनकी मौत का कारण बन गया। अंकित की हत्या के बाद हरियाणा के गोगी व पंपू गैंग से जुड़े शूटरों को लगा था कि वे घटना को अंजाम देकर आसानी से भाग निकलेंगे, लेकिन यूपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महज पांच दिनों में शामिल दो इनामी शूटरों मोहित और सुमित को मुठभेड़ में मार गिराया।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने भी स्पष्ट किया है कि बाहरी या स्थानीय किसी भी आपराधिक गिरोह को पनपने नहीं दिया जाएगा और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर में मारे गए दोनों शूटरों के तार सोनीपत से जुड़े हैं। मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों की पहचान सोनीपत के सुमित (24) और मोहित (22) के रूप में हुई। उन्हें गोगी गैंग से जुड़े शूटर बताया जा रहा है।
मोहित बैंयापुर खुर्द (बंदेपुर) का रहने वाला था और करीब पांच-छह साल से आपराधिक गतिविधियों और गैंगवार से जुड़ा हुआ था। वर्ष 2021 में भी मारपीट के एक मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। जब उसने अपने करीब 10 साथियों के साथ मिलकर मारपीट की थी। वहीं, इंटरनेट मीडिया पर आकर भी पीड़ितों को धमकी दी थी। यमुनानगर में हुए ट्रिपल मर्डर केस के आरोपितों से भी उसके तार जुड़े थे। उस पर करीब आधा दर्जन केस दर्ज हैं।
मोहित का परिवार शहर के भाट मोहल्ला में रहता था। कई साल पहले मोहित के पिता महेश को लकवा के कारण तीन साल पहले उनकी मौत हो गई। पिता की मौत के बाद मोहित की मां ममता बच्चों को लेकर बैंयापुर खुर्द स्थित मायके आ गया गई।
वहीं, बंदेपुर में किराए पर रहने लगी थी। इसके बाद अलग-अलग आपराधिक मामलों में सामने आता रहा। शुरुआत में मारपीट जैसे मामलों से जुड़े नाम के बाद उस पर हथियार संबंधी मामले भी दर्ज हुए। पुलिस का दावा है कि बाद में वह गैंगवार से जुड़ गया और गोगी गैंग के लिए शूटर के तौर पर काम करने लगा।
पति की मौत के बाद मोहित की मां ममता ने निजी यूनिवर्सिटी में सफाई कर्मचारी की नौकरी कर परिवार का गुजारा किया। पुलिस के मुताबिक, पिछले पांच-छह साल से मोहित गैंगवार से जुड़ा था। परिवार में अब उसकी मां, एक बहन और छोटा भाई हैं।
अंकित की हत्या से पहले घर से बैग लेकर गया था सुमित
अंकित हत्याकांड का दूसरा आरोपित सुमित वारदात से पहले घर से एक बैग लेकर निकला था। उसने पहले से पहने हुए कपड़े बदले थे और बैग लेकर चला गया था। सुमित के पिता के मुताबिक वह 26 अगस्त को घर आया था।
छोटी बहन को घर के बाहर बैठाकर खुद अंदर चला गया। कपड़े बदले और बैग लेकर निकल गया, जिसके बाद बेटी ने परिवार को सुमित के घर आने के बारे में बताया था। हालांकि बैग में क्या था ये परिवार को नहीं पता। पिता का कहना है कि उसी दिन उसके साथी मोहित से भी फोन पर बात हुई, लेकिन उसने सुमित से बात नहीं करवाई।
सुमित का परिवार सोनीपत की टीडीआइ सिटी की हाउसिंग बोर्ड कालोनी के जी ब्लाक स्थित मकान नंबर 1420 में रहता है। सुमित का नाम अंकित बालियान हत्याकांड में सामने आने के बाद से टीडीआइ स्थित मकान पर पिछले दो दिन से ताला लटका हुआ है।
परिवार का कहना है कि उनके बेटे पर कोई केस नहीं था, हालांकि कई महीने से मोहित ने उनके बेटे को अपने चंगुल में फंसा रखा था। वह उसे घर पर भी नहीं आने दे रहा था।
मोहित पर अवैध हथियार रखने, मारपीट के कई मामले दर्ज थे। वहीं, पानीपत में एक लैब में आग लगाने की घटना में भी उसका नाम सामने आया था। हालांकि उसका आपराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा है। उसके संपर्कों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। जिसके आधार पर इनपुट साझा किया जाएगा।- अजय धनखड़, प्रभारी, एंटी गैंग्सटर यूनिट
