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शाहजहांपुर की इस जर्जर सड़क से खिसक रही लोगों की रीढ़ की डिस्क, रोजाना 150+ मरीज पहुंच रहे अस्पताल

Published: Thu, 03 Sep 2026 12:32 AM (IST)

लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग की जर्जर हालत शाहजहांपुर के लोगों के लिए गंभीर शारीरिक समस्याओं का कारण बन रही है। खराब ...और पढ़ें

पुवायां रोड पर सड़क पर गड्ढों से न‍िकलते वाहन  जागरण

पुवायां रोड पर सड़क पर गड्ढों से न‍िकलते वाहन जागरण

HighLights

  1. आए दिन पलट रहे ई-रिक्शा व दोपहिया वाहन, अधिकारियों की नहीं टूट रही नींद

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद राजकीय विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डा. विकास खुराना पिछले पांच माह से रीढ़ की हड्डी में दर्द से परेशान हैं। दोपहिया वाहन चलाते समय जरा सा झटका असहनीय होता है। कारण, लखनऊ-दिल्ली पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग की जर्जर सड़क है। प्रतिदिन इसी मार्ग से ड्यूटी जाना होता है।

गड्ढे में पहिया जाते ही दर्द होने लगता है। शुरुआत में वह इसे सामान्य तरीके से लेते रहे, लेकिन जब चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने दवा शुरू की। डाॅ. विकास अकेले नहीं हैं, सुरेंद्र, दिलाजाक निवासी सुयश सिन्हा, सत्यपाल सहित रामनगर, दिलाजाक, चिनौर सहित विभिन्न मुहल्लों के वे तमाम लोग इस तरह की शारीरिक दिक्कत से जूझ रहे हैं।

जिनके घर व प्रतिष्ठान इस मार्ग पर हैं या उन्हें इस पर प्रतिदिन आवागमन करना होता है। दोपहिया वाहन व ई-रिक्शे में बैठने पर झटका लगने, वाहन पलटने से रीढ़ की हड्डी, कमर व गर्दन में दर्द होना या फिर डिस्क खिसकना आम बात हो गई है। चिकित्सक भी खराब सड़कों को इसकी बडी वजह मान रहे हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही है।

लखनऊ तक कराना पड़ा उपचार

रामनगर कालोनी निवासी बुजुर्ग बृजबाला तीन माह पूर्व ई-रिक्शा से घर आ रही थीं, पुलिस लाइंस के पास गड्ढे में पहिया जाने से तेज झटका लगा। इससे उनकी कमर के पास असहनीय दर्द उठा। दवा खाने के बाद भी राहत नहीं मिली, तो लखनऊ के अस्पताल तक उपचार कराना पड़ा।

न्यूरो चिकित्सक की सलाह पर एमआरआइ हुई, तो पता चला कि डिस्क दब गई है। उसके बाद से दवा और फिजियोथेरेपी चल रही है। वहीं दिलाजाक मुहल्ला निवासी बास्केटबाल कोच चंद्रप्रकाश यादव को भी इसी मार्ग से ज्यादातर आवागमन करना पड़ता है।

बताया कि जर्जर सड़क पर गडढे में बाइक का पहिया चला गया, गिरते-गिरते बचे। ज्यादा चोट तो नहीं लगी, लेकिन तेज झटके से कमर मे दर्द रहने लगा। कई दिन तक परेशान रहे। दवा और व्यायाम से कुछ राहत मिली।

सड़क पर काफी धीमी गति में बाइक चलाने के बाद भी पलटने का खतरा बना रहता है। आर्यनगर कालोनी निवासी सुरेंद्र पाल कचहरी में नौकरी करते हैं। बताया कि घर वापस आते समय जर्जर सड़क पर साइकिल अनियंत्रित होकर पलट गई।

इस कारण उन्हें काफी चोट लग गई। कई दिन तक दर्द रहा। बताया कि इस सड़क से आवागमन करना मजबूरी है। गड्ढे इतने अधिक हो गए हैं कि पैदल निकलना तक मुश्किल है। रात के समय तो सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।

 

 

मेडिकल कालेज के हड्डी रोग विभाग में प्रतिदिन औसतन 250-300 मरीजों की ओपीडी हो रही हैं, जिनमें से 50 प्रतिशत लोग दर्द से परेशान हैं। इनमें शहर के लोगों की संख्या अधिक है। जर्जर सड़क भी इसका कारण हैं। वाहन तेज गति से चलाने, गड्ढे में पहिया जाने पर तेज झटका लगने, अचानक ब्रेक लगाने पर कोशिकाएं व डिस्क को नुकसान पहुंचता है, जिससे यह दिक्कत हो रही है।

- डाॅ. सरोज, सीएमएस व वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ राजकीय मेडिकल काॅलेज

 

दोपहिया वाहन चलाते समय या फिर ई-रिक्शा में बैठने के दौरान लोग रीढ़ की हड्ढी को सीधा नहीं रखते, जिस कारण गड्ढे में पहिया जाने से चोट लगने की अधिक संभावना रहती है। हमारे पास फिजियोथैरेपी के लिए जो मरीज आते हैं, उनमें से कई ऐसे होते हैं, जो जर्जर सड़क पर गड्ढों में झटका लगने के कारण शारीरिक दिक्कत में हैं।

- डाॅ. अमित सिंह, फिजियोथैरेपिस्ट


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