21 करोड़ रुपये भी डकार गया लखनऊ-पलिया हाईवे! 7 महीने में PWD ने बना दिया ‘गड्ढा-पथ’
लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग के 15 किमी हिस्से को पीडब्ल्यूडी ने 7 महीने में गड्ढा-पथ बना दिया, जबकि एनएचएआई ने मरम्मत ...और पढ़ें

लखनऊ पलिया हाईवे
HighLights
सात महीने पहले पीडब्ल्यूडी ने एनएचएआइ से लिया 15 किमी का लखनऊ-पलिया हाईवे
हस्तान्तरण के समय 21 करोड़ रुपये लेने के बाद भी नहीं कराई मरम्मत, अब गहरे गड्ढे
अंबुज मिश्र, शाहजहांपुर। लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग की 15 किमी सड़क को लोक निर्माण विभाग (पीड ्ल्यूडी) ने गड्ढा-पथ बना दिया। सात महीने पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस सड़क के हस्तान्तरण के समय 21 करोड़ रुपये भी दिए थे, ताकि मरम्मत हो सके। वे रुपये अब गड्ढों पर न्यौछावर होते दिख रहे। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी तर्क दे रहे कि रोहित कंस्ट्रक्शन को मरम्मत कार्य दिया था। बड़े हिस्से के गड्ढे भरे जा चुके हैं। उनका यह दावा सड़क के गड्ढों में दफन है।
पिछले वर्ष बाईपास बनने के बाद राजमार्ग के 15 किमी हिस्से की देखरेख एनएचएआइ ने बंद कर दी थी। सात महीने पहले पीडब्ल्यूडी ने यह सड़क ली, जिसका बड़ा हिस्सा से होकर गुजरता है। हस्तांरतण के बाद तय हुआ कि जल्द ही इसकी मरम्मत करा दी जाएगी।
पीडब्ल्यूडी ने इसकी औपचारिकता के लिए कार्यदायी संस्था तय कर दी, मगर गड्ढे अब तक नहीं भरे जा सके। महिला थाने से चंद कदम आगे रोडवेज वर्कशाप के पास सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी। यहां से थोड़ा आगे बढ़ेंगे तो पुलिस लाइंस गेट से लेकर पेट्रोल पंप पर सड़क के स्थान पर गहरे गड्ढों हैं।
यहां बस, ट्रक तो किसी तरह निकल जाते, लेकिन आटो, कार व दोपहिया वाहन चालक अक्सर पलट जाते हैं। सावन से पहले मजबूत पैचवर्क के निर्देश थे, लेकिन कांवड़ यात्रा के दौरान सिर्फ मिट्टी भराव हुआ, जो पानी में बह गया।
बारावफात पर प्रशासनिक अधिकारियों ने पेंच कसे तो दोबारा मिट्टी डालकर बोरियां साइड में ही छोड़ दीं, जो अब भी पड़ी हैं। यहां से रामनगर तक सड़क पर गड्ढों व बिखरी सड़क की बजरी से बचकर निकल भी आए तो सिंचाई विभाग कार्यालय से नियामतपुर तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा।
आबादी का बड़ा हिस्सा हो रहा प्रभावित
इस सड़क के दोनों ओर आबादी का बड़ा हिस्सा रहता है। कई सरकारी कार्यालय, औद्योगिक व शैक्षणिक संस्थान भी इसी रोड पर हैं। सिंधौली पुवायां, बंडा, खुटार, पूरनपुर, मैलानी के लिए शहर में आवागमन इसी सड़क से होता है।
रोडवेज बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, पुलिस लाइंस, कलक्ट्रेट आने जाने के लिए जलालनगर, नियामतपुर, चिनौर, रामनगर, दिलाजाक, कैंटोनमेंट आदि क्षेत्र के अधिकांश लोग को इसी मार्ग का प्रयोग करते हैं। दोपहिया व छोटे वाहनों के लिए छावनी परिषद व कैंट की सड़क भी विकल्प हैं, जिनका प्रयोग खस्ताहाल सड़क पर जवाबदेही से बचने के लिए अधिकारी व जनप्रतिनिधि ज्यादा करते हैं।
सड़क की मरम्मत का काम रोहित कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया। सड़क पर सभी गड्ढे भरवा दिए गए थे। इसके बाद भी कहीं दिक्कत है, तो दिखवा लिया जाएगा। वर्षा में ठेकेदार के प्लांट में पानी भर गया इसलिए दोबारा काम शुरू नहीं कराया जा सका। मौसम सामान्य होते ही काम शुरू होगा।
- महेंद्र पाल, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड
यह भी पढ़ें- शाहजहांपुर: हाथों में चप्पल थाम दलदल से अर्थी ले जाने को मजबूर हुए ग्रामीण, वीडियो वायरल होने पर जागा प्रशासन
