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    शाहजहांपुर जेल में बंद कैदी की मौत: परिजनों ने लगाया पिटाई का आरोप, बोले- मुंह में ठूंस रखा था कपड़ा

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 06:40 PM (GMT+05:30)

    शाहजहांपुर जेल में जानलेवा हमले के आरोप में बंद सुधीर सिंह की रविवार देर रात मृत्यु हो गई। परिजनों ने जेल में पिटाई और उपचार में लापरवाही का आरोप लगात ...और पढ़ें

    पति की मृत्यु होने के बाद विलाप करतीं सुनहरी व अन्य स्वजन और इनसेट में मृतक सुधीर सिंह का फाइल फोटो

    पति की मृत्यु होने के बाद विलाप करतीं सुनहरी व अन्य स्वजन और इनसेट में मृतक सुधीर सिंह का फाइल फोटो

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    1. पत्नी बोलीं, बाहर से खरीदकर देनी पड़ती थी दवा, हालत गंभीर होने के बाद भी मेडिकल काॅलेज नहीं ले गए

    जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। जानलेवा हमले के आरोप में जेल में बंद सुधीर सिंह की रविवार देर रात मृत्यु हो गई। उसके लीवर में दिक्कत होने की वजह से उपचार चल रहा था। स्वजन ने जेल में पिटाई करने व उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।

    रोजा के रामापुर बरकतपुर गांव निवासी सुधीर कुमार के पिता शेर सिंह का 30 अप्रैल 2023 को पशु चराते समय गांव के ही रामस्वरूप से विवाद हो गया था। उनके बेटे नीरज ने आरोप लगाया था कि उस विवाद के चलते शेर सिंह उसके बेटे सुधीर सिंह समेत चार नामजद व तीन अज्ञात ने मिलकर भाई रामकुमार व भतीजे अभिषेक पर जानलेवा हमला कर दिया था।

    जिस वजह से इन आरोपितों के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था। उसके विरुद्ध कई वारंट जारी हुए थे। 29 जुलाई को वह न्यायालय में पेश हुआ था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। चार अगस्त को उसकी तबीयत बिगड़ने पर जेल के अस्पताल में ही भर्ती कराया गया था।

    शनिवार को उसकी पत्नी सुनहरी ने मुलाकात भी की थी। रविवार देर रात सुधरी की हालत और ज्यादा बिगड़ गई तो जेल प्रशासन ने मेडिकल कालेज भिजवाया जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। पत्नी सुनहरी ने बताया कि रात करीब एक बजे जेल प्रशासन ने पति की तबीयत खराब बताकर मेडिकल कालेज पहुंचने के लिए कहा था। वहां पहुंचीं तो पति मृत अवस्था में मिले।

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    उनका आरोप है कि पति की हालत गंभीर थी लेकिन जेल में दवाएं नहीं दी जा रहीं थी। हर दूसरे दिन बाहर से दवाएं खरीदकर देनी पड़ रहीं थी। पति की जब इतनी तबीयत खराब थी तो उन्हें समय रहते अच्छे अस्पताल में क्यों भर्ती नहीं कराया गया।

    उन्होंने बताया कि पति के शरीर पर कई जगह चोट के निशान हैं। उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया था, खून भी निकल रहा था। ऐसे में उन्हाेंने जेल के अंदर पति की पिटाई करने का भी आरोप लगाया है।

    तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

    सुधीर के तीन बच्चे बेटी दिव्या, नव्या व तीन वर्ष बा बेटा नैतिक है, जिनके सिर से पिता का साया छिन गया। अब पूरी जिम्मेदारी पत्नी सुनहरी पर आ गई। पति का शव जब मोर्चरी से बाहर निकाला गया तो वह लिपट गईं। कहा अब तीन बच्चों की परवरिश वह अकेले कैसे करेंगी। यह सुनकर वहां मौजूद अन्य स्वजन व रिश्तेदारों की आंखों से भी आंसू छलक पड़े।

    आक्रोश देख पहुंचीं तीन थानों की पुलिस

    सुधीर की मृत्यु के बाद उनके स्वजन ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका आक्रोश देखकर सदर, चौक व रोजा थाना प्रभारी पहुंच गए। उन्होंने स्वजन को समझाया। कहा उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इस मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है।

     

    सुधीर लंबे समय से बीमार था। उसका उपचार भी कराया जा रहा था। रात तबीयत बिगड़ने पर मेडिकल कालेज भिजवाया गया था जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया गया। उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है।

    - जेपी तिवारी, जेल अधीक्षक


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