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    ₹6 करोड़ की ग्रीन रोड हैंडओवर से पहले ही दरकी: कार्रवाई छोड़ दरारें छिपाने में जुटा निगम, महापौर नाराज

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 07:39 PM (IST)

    शाहजहांपुर में ₹6 करोड़ की लागत से बनी ग्रीन रोड हैंडओवर से पहले ही दो बार दरक गई, जिस पर महापौर अर्चना वर्मा ने नाराजगी जताई और फर्म पर कार्रवाई के न ...और पढ़ें

    मोहनगंज में ग्रीन रोड पर दरारें भरते मजदूर। सौ. इंटरनेट मीडिया

    मोहनगंज में ग्रीन रोड पर दरारें भरते मजदूर। सौ. इंटरनेट मीडिया

    HighLights

    1. महापौर ने भी जतायी नाराजगी, गुणवत्ता पर उठाए सवाल

    जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। छह करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुई ग्रीन रोड हैंडओवर होने से पहले ही दरकने लगी। इस पर तीन माह के अंदर दूसरी बार दरारें पड़ गईं। प्लास्टर के जरिए खामी छिपाने की कोशिश की लेकिन मामला तूल पकड़ गया। भारी भरकम लागत से बनी महज 400 मीटर सड़क पर बढ़ती दरारों को लेकर सवाल उठे तो महापौर अर्चना वर्मा भी मौके पर पहुंचीं।

    फर्म पर कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन मुख्य अभियंता निर्माण आशीष त्रिवेदी तर्क देकर बचाव में लगे रहे। शहर में बलिदानी अहमदुल्ला शाह पार्क से पुरानी तेल टंकी रोड तक बन ग्रीन रोड का निर्माण कार्य कराया गया है।

    मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (सीएम-ग्रिड) के तहत इसका निर्माण नगर निगम की देखरेख में अर्बन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एजेंसी (यूआरआइडीए) कर रही है।

    सड़क को करीब 13 से 14 मीटर चौड़ा करने के साथ ही फुटपाथ, भूमिगत बिजली लाइन, सीवर पाइप और हरियाली विकसित करने का काम भी हाे रहा है, लेकिन निर्माण में बरती जा रही खामियों के कारण इस पर जगह-जगह दरारें पड़ती जा रही हैं।

    निगम की ओर से संबंधित फर्म पर कार्रवाई करने के बजाय उससे दरारों को भरवाने का काम कराया जा रहा है। परियोजना का जमीनी काम दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था और इसे 24 अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाना है।

    जानकारी मिलने पर महापौर अर्चना वर्मा भी मौके पर पहुंचीं। वहां मौजूद मुख्य अभियंता निर्माण आशीष त्रिवेदी से खराब गुणवत्ता को लेकर सवाल किए, लेेकिन वह फर्म का बचाव करते ही नजर आए।

    निर्माण पूरा होने से पहले ही गुणवत्ता पर सवाल

    परियोजना का जमीनी काम दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था और इसे 24 अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाना है। ऐसे में निर्माण पूरा होने से पहले सड़क पर दरारों का बढ़ना गुणवत्ता की निगरानी पर सवाल खड़े करता है। सवाल यह भी है कि दरारें किन कारणों से आईं और क्या निर्माण सामग्री व सड़क की परतों की तकनीकी जांच कराई गई है।

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    फर्म को नोटिस, कार्रवाई नहीं

    मुख्य अभियंता आशीष त्रिवेदी का कहना है कि दरारों को भरवाया जा रहा है। पहले भी इस तरह की स्थिति आई थी, उस समय दरारें भरवा दी गईं थां। फर्म को नोटिस भी दिया गया था, लेकिन उसके खिलाफ अलग से कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष के अनुबंध के तहत इस अवधि में सड़क में कोई भी कमी आती है तो उसे दूर कराने की जिम्मेदारी फर्म की होगी।

     

    निर्माण कार्यों को बेहतर, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बनाना हमारी प्राथमिकता है। सीएम ग्रिड की सड़क पर दरारें आना गंभीर है। हमने संबंधित अधिकारियों को फर्म को नोटिस जारी करने व कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    - अर्चना वर्मा, महापौर


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