कटरा विधायक का रिपोर्ट कार्ड: सड़कें, पुल और फैक्ट्रियां तो मिलीं; पर ट्रामा सेंटर, मंडी और स्टेडियम का क्या हुआ?
Uttar Pradesh MLA Report Card: कटरा विधानसभा में विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया ...और पढ़ें

वीर विक्रम सिंंह
HighLights
कटरा विधानसभा में लगी सीमेंट फैक्ट्री व एथनाल प्लांट, सड़क व पुल भी बने
संवाद सूत्र, मीरानपुर कटरा (शाहजहांपुर)। विधानसभा चुनाव में कुछ ही माह शेष हैं। ऐसे में परियोजनाओं ने गति पकड़ी है। कई काम पूरे हुए हैं। जबकि कुछ अभी अधूरे हैं। बजट की स्वीकृति या तकनीकी पेंच में कुछ प्रस्ताव अटके हुए भी हैं। कटरा विधानसभा में भी कुछ ऐसा ही है।
वर्ष 2022 के चुनाव में यहां की जनता ने भाजपा के वीर विक्रम सिंह प्रिंस को लगातार दूसरी बार अपना प्रतिनिधि चुनकर विधानसभा भेजा। इस बार भी लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए उन वादों को पूरा करना जरूरी था, जो चुनाव के समय किए गए थे। अब तक के कार्यकाल में इनमें से कई पूरे हुए।
जबकि कुछ पर काम चल रहा है। जो शेष हैं उनके प्रस्ताव पर स्वीकृति मिलने का इंंतजार है। बरेली के फतेहगंज पूर्वी से सटी कटरा विधानसभा मुख्यालय सड़क कनेक्टिविटी के मामले में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। लखनऊ दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित कटरा में मैनपुरी के बेबर से पीलीभीत के बीसलपुर को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग निकला है।
कानपुर व बदायूं जाने के लिए भी यहां से बेहतर रास्ता मिलता है। वीर विक्रम सिंह ने चुनाव के दौरान संपर्क मार्गाें के निर्माण, सड़कों की मरम्मत, बाढ़ में कटान रोकने के लिए तटबंध व ठोकरें बनवाने का वादा किया था जिन पर काफी हद तक काम भी हुआ है।
खुदागंज में क्षेत्र को बीसलपुर से जोड़ने के लिए लंबे समय से भुंडी घाट व खिरिया घाट पर पुल की मांग उठ रही थी, दोनों पुलों का निर्माण चल रहा है। कटरा से दातागंज जाने वाली सड़क का निर्माण हुआ। छोटे पुलों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सहूलियत हुई।
बिजली व पानी की सुविधाओं में भी काफी हद तक सुधार हुआ है लेकिन बेसहारा पशु यहां भी समस्या हैं, जिनके लिए गोशालाओं का निर्माण जारी है। सीएचसी पर आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति व संसाधनों की उपलब्धता तो हुई है, लेकिन चुनाव के समय जिस ट्रामा सेंटर का मुद्दा छाया रहा था, वह अब तक नहीं मिल सका है।
विधायक का कहना है कि वह इसके लिए प्रयासरत हैं, जल्द स्वीकृति भी दिलाएंगे।रोजगार के नजरिए से एथनाल प्लांट व सीमेंट फैक्ट्री तैयार हो गई है। हालांकि युवाओं का पलायन रोकने काे लघु व कुटीर उद्योगों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
स्पोर्टस स्टेडियम के लिए जूनियर हाईस्कूल का मैदान चिह्नित हो चुका है, लेकिन स्वीकृति मिलना शेष है। मंडी समिति बनवाने संबंधित किसानों की पुरानी मांग पूरी नहीं हो सकी है। खुदागंज में राजकीय डिग्री कालेज तो बन गया, लेकिन कटरा मुख्यालय पर इसके निर्माण की मांग अभी अधूरी है।
पटरी से उतरी कानून व स्वास्थ्य सेवा
पूर्व सपा विधायक राजेश यादव ने कहा कि जिन सड़कों की मरम्मत होनी चाहिए थी वह अब भी गड्ढों में तब्दील हैं। बेसहारा गोवंशी पशुओं के संरक्षण के लिए अब तक क्षेत्र में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
पशु सड़कों पर टहल रहे हैं, जिस कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। यहां से दिल्ली, जयपुर के लिए कटरा से प्राइवेट बसों का संचालन हो रहा है, जिनमें मनमाना किराया लिया जाता है।
स्वास्थ्य सेवाएं, कानून व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। कटरा उखरी मार्ग व कटरा खुदागंज मार्ग पर ओवरब्रिज निर्माण के कारण लंबे समय से रेलवे क्रासिंग बंद हैं, जिस कारण आबादी का बड़ा हिस्सा परेशान है।
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