गंगा एक्सप्रेसवे पर बड़ा खतरा: निरीक्षण में 5 जगह टूटी मिली रिटेनिंग वॉल, एडीएम ने यूपीडा को लगाई फटकार
एडीएम शाहजहांपुर ने गंगा एक्सप्रेसवे पर यूपीडा अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्हें पांच स्थानों पर क्षतिग्रस्त रिटेनिंग वॉल मिलीं, जिससे आवारा पशु ...और पढ़ें

गंगा एक्सप्रेस वे पर हवाई पट्टी के पास रिटेनिंग वाल पर कराई जा रही मरम्मत। जागरण
HighLights
एडीएम ने यूपीडा अधिकारियों के साथ निरीक्षण में जताई नाराजगी, मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कराने के दिए निर्देश
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। गंगा एक्सप्रेस वे पर बेसहारा पशुओं की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए, एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्र ने मंगलवार को यूपीडा के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें लगभग पांच स्थानों पर रिटेनिंग वाल क्षतिग्रस्त मिली, जिससे पशु एक्सप्रेस वे पर पहुंच रहे थे। एडीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कराने के निर्देश दिए।
गंगा एक्सप्रेस वे, जो मेरठ से प्रयागराज को जोड़ता है, का 44 किमी. हिस्सा जिले की तीन तहसीलों से होकर गुजरता है। बदायूं से हरदोई की सीमा के बीच जलालाबाद में इंटरचेंज बना हुआ है, जहां से वाहन एक्सप्रेस वे पर चढ़ते और उतरते हैं।
इस एक्सप्रेस वे को अधिकतम 120 किमी. प्रति घंटा की गति से वाहन चलाने के लिए डिजाइन किया गया है, और इसके दोनों ओर रिटेनिंग वाल बनाई गई हैं ताकि बेसहारा पशु और साइकिल सवार न आ सकें।

हालांकि, पिछले कुछ समय से हवाई पट्टी सहित विभिन्न स्थानों पर पशुओं के झुंड एक्सप्रेस वे पर पहुंच रहे थे। सपा नेता राजपाल कश्यप ने इस मुद्दे को लेकर पिछले माह एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर साझा किया था।
अचानक वाहन के सामने पशुओं के आ जाने के कारण बदायूं में एक्सप्रेस वे पर हादसे भी हुए थे। इस स्थिति को देखते हुए एडीएम ने निरीक्षण के दौरान हवाई पट्टी सहित पांच स्थानों पर रिटेनिंग वाल की खामियों को गंभीरता से लिया।
खबरें और भी
उन्होंने यूपीडा के अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए कहा कि मरम्मत कार्य तुरंत शुरू किया जाए। एडीएम ने पूरे मार्ग पर नियमित पेट्रोलिंग करने और खामियों को दूर करने के निर्देश दिए।
जिससे लोगों का सफर सुरक्षित हो सके और बेसहारा पशु एक्सप्रेस वे पर न आ सकें। इस दौरान जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें- शाहजहांपुर: 5 बार से अधिक चालान फिर भी कार्रवाई शून्य, 23,718 वाहन चालकों की लापरवाही से बढ़ा हादसों का ग्राफ