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    गंगा एक्सप्रेसवे किनारे एक्शन में प्रशासन, औद्योगिक फैक्ट्रियां लगने से पहले सरकारी जमीनों का होगा 'महा-सत्यापन'

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 02:48 PM (IST)

    प्रशासन ने गंगा एक्सप्रेसवे के पास बढ़ती औद्योगिक संभावनाओं के मद्देनजर संभल में सरकारी जमीनों के सत्यापन का अभियान तेज कर दिया है। लेखपालों को ग्राम ...और पढ़ें

    गंगा एक्सप्रेसवे

    गंगा एक्सप्रेसवे

    HighLights

    1. औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से पहले एडीएम ने मौके पर सत्यापन, खतौनियों के मिलान, विसंगति रिपोर्ट देने के दिए निर्देश

    संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से बढ़ रही औद्योगिक संभावनाओं के बीच जनपद में सरकारी जमीनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। प्रशासन ऐसे लोगों और ऐसी भूमि की तलाश कर रहा है जहां औद्योगिक गतिविधियां शुरू होने से पहले ही खरीद फरोख्त बढ़ गई हो।

    डीएम अंकित खण्डेलवाल के निर्देशन में शुक्रवार को एडीएम सत्यप्रिय सिंह ने गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े ग्रामों के राजस्व लेखपालों की समीक्षा बैठक कर ग्राम समाज और अन्य आरक्षित शासकीय भूमि का मौके पर जाकर व्यापक सत्यापन करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि हर लेखपाल अपने क्षेत्र में उपलब्ध ग्राम समाज और आरक्षित भूमि का स्थलीय निरीक्षण कर वर्तमान खतौनी का आधार वर्ष की खतौनी से मिलान करें, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि शासकीय भूमि की स्थिति में कहीं कोई बदलाव, अतिक्रमण, हेराफेरी या अन्य विसंगति तो नहीं हुई है।

    किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर उसका पूरा विवरण तैयार कर समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। एडीएम ने बताया कि अभिलेखीय और स्थलीय सत्यापन पूरी पारदर्शिता और गंभीरता से किया जाए।

    जिससे ताकि भविष्य में औद्योगिक इकाइयों, आधारभूत संरचना और अन्य जनहित परियोजनाओं के लिए उपलब्ध सरकारी भूमि का सही आकलन हो सके। साथ ही शासकीय संपत्तियों का संरक्षण मजबूत हो और विकास योजनाओं के दौरान भूमि से जुड़े किसी भी विवाद या गड़बड़ी की आशंका को पहले ही समाप्त किया जा सके।

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