Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Ganga Expressway पर FASTag की बड़ी गड़बड़ी: बिना टोल प्लाजा गए कट गए पैसे, कारोबारी से वसूला 127% अतिरिक्त टैक्स

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 06:56 PM (GMT+05:30)

    गंगा एक्सप्रेसवे पर एक कारोबारी से फास्टैग के जरिए 24 घंटे में वापसी पर 127% अतिरिक्त टोल वसूला गया। बिना पहुंचे टोल प्लाजा का भी मैसेज आया, जिस पर का ...और पढ़ें

    गंगा एक्सप्रेसवे

    गंगा एक्सप्रेसवे

    HighLights

    1. 24 घंटे के अंदर वापसी पर कुल 465 रुपये लगना था टोल, फास्टैग से 1055 रुपये कटे

    संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। चंदौसी के कारोबारी पवन कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि तकनीकी खामी या सिस्टम की नाकामी के कारण उनसे 24 घंटे के भीतर आने-जाने पर 590 रुपये अतिरिक्त वसूल लिए गए।

    उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह 9:04 बजे वह अपनी कार से लहरावन टोल प्लाजा से गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़े और सुबह 9:44 बजे सिंभावली-मुरादपुर टोल प्लाजा से बाहर निकलते समय 310 रुपये का एक तरफ का टोल चुकाया।

    रात में दिल्ली से लौटते समय उन्होंने सिंभावली से एक्सप्रेसवे पर प्रवेश किया और रात 11:04 बजे लहरावन टोल प्लाजा से बाहर निकले, जहां उनके फास्टैग से 400 रुपये काट लिए गए।

    जबकि नियम के अनुसार 24 घंटे के भीतर वापसी होने पर इस यात्रा के लिए कुल 465 रुपये टोल बनता था, इसके लिए वापसी में 155 रुपये कटने थे लेकिन उनसे कुल 1055 रुपये वसूल लिए गए। यानी 590 रुपये अतिरिक्त काटे गए, जो निर्धारित राशि से करीब 127 प्रतिशत अधिक है।

    इतना ही नहीं, उनके मोबाइल पर 345 रुपये कटने का एक और संदेश आया, जिसमें बदायूं जिले के चंदौली टोल प्लाजा का उल्लेख था, जबकि उनका कहना है कि वह वहां पहुंचे ही नहीं और लहरावन से ही एक्सप्रेसवे से बाहर निकल गए थे।

    हैरानी की बात यह है कि लहरावन से बाहर निकलने और चंदौली टोल का संदेश आने के समय में केवल 36 सेकंड का अंतर है। पवन कुमार गुप्ता ने इसे गंगा एक्सप्रेसवे प्रबंधन की गंभीर तकनीकी खामी या कर्मचारियों की मनमानी बताते हुए टोल प्रबंधन से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि वह अधिवक्ताओं से राय लेकर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में भी मामला दायर करेंगे।

    खबरें और भी

     

    यदि कहीं अतिरिक्त टोल कटा है तो यह बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी समस्या हो सकती है। ऐसे मामलों में यदि गलत कटौती हुई होगी तो बैंकिंग सिस्टम स्वत: धनराशि वापस कर देता है। फिर भी पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।

    - अनूप कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरबी, (कार्यदायी संस्था) गंगा एक्सप्रेसवे।


    यह भी पढ़ें- 'बिल संभल में, बिजली बदायूं से...' अधिकारियों के फुटबॉल बने इन 53 गांवों के ग्रामीण, महीनों से अंधेरा