रामपुर के महाभारतकालीन शिव मंदिर का ₹101 करोड़ से जीर्णोद्धार: 151 फीट ऊंचे शिखर के साथ मिलेंगी देश के बड़े मंदिरों जैसी सुविधाएं
रामपुर के महाभारतकालीन श्री पातालेश्वर शिव मंदिर का शिवभक्तों के सहयोग से 101 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार हो रहा है। यह मंदिर 151 फीट ऊंचे शिखर ...और पढ़ें

निर्माणाधीन पातालेश्वर शिवालय।
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श्री पातालेश्वर शिव मंदिर के गर्भगृह के 151 फीट ऊंचे शिखर पर लहरा रही धर्म ध्वजा
राधेश्याम, रामपुर। शिवभक्तों के आपसी सहयोग से बन रहे भमरौआ के श्री पातालेश्वर शिवालय में श्रद्धालुओं को देश के चुनिंदा मंदिरों जैसी सुविधाएं मिलेंगी। महाभारत कालीन इतिहास समेटे यह मंदिर देश के चुनिंदा मंदिरों में शुमार होगा। सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। गर्भ गृह के 151 फुट ऊंचे शिखर पर लहरा रही धर्म ध्वजा दूर से ही श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। श्रावण मास में मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
शहर से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर भमरौआ गांव में स्थित श्री पातालेश्वर शिव मंदिर महाभारत कालीन इतिहास समेटे हुए है। हर साल सावन के महीने में यहां लाखों श्रद्धालु गंगाजल चढ़ाने के लिए आते हैं। प्रत्येक सोमवार, प्रदोष और महाशिवरात्रि पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन कर जलाभिषेक करते हैं।
यह मंदिर घनी मुस्लिम आबादी के बीच है। आसपास मुस्लिम आबादी होने के कारण शिवलिंग की पहचान न होने पर कई ग्रामीण अनजाने में शिवलिंग को अपने औजारों में धार लगाने में प्रयोग मेंलेते थे। जिसका दुष्प्रभाव भी लोगों को देखने को मिला।
जब लोगों पर हुए दुष्प्रभाव और शिवलिंग की जानकारी तत्कालीन नवाब अहमद अली खान को हुई तो उन्होंने सन 1822 में मंदिर की बुनियाद रखवाई। इसके साथ ही मंदिर को कई एकड़ जमीन दान की।
महाभारतकालीन इतिहास समेटे हुए है यह शिवालय
यह मंदिर महाभारत कालीन इतिहास समेटे हुए है। मुरादाबाद मंडल के गजेटियर भाग-2 के प्रकाशन को हुई दस्तावेजों की खोजबीन में दो साल पहले खुलासा हुआ। नवाबों की हुकूमत के 300 साल पुराना रिकार्ड भी यही गवाही दे रहा है। चार साल पहले मुरादाबाद मंडल का गजेटियर प्रकाशित हुआ। जिसके लिए ऐतिहासिक स्थलों पर शोध किया गया, जिसमें इसका खुलासा हुआ।
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गर्भगृह 1296 वर्ग फीट तक किया जा रहा चौड़ा
प्राचीन पातालेश्वर शिव मंदिर का जीणोद्धार 101 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। यह सब आपसी सहयोग से हो रहा है। ये मंदिर द्वापर युग का है। जन सहयोग से ही मंदिर परिसर में 11 हजार वर्ग फीट में धर्मशाला बनाई गई है।
151 फीट ऊंचा गर्भगृह का शिखर भी तैयार हो गया है। जिस पर धर्म ध्वजा लहरा रही है। शिखर पर 11 फिट ऊंचाई पर कलश की स्थापना हो चुकी है। अब गर्भगृह 1296 वर्ग फीट तक चौड़ा कर उसका सुंदरीकरण किया जा रहा है।
यह होंगी प्रमुख विशेषताएं
- मंदिर का गर्भ गृह पूरी तरह से वातानुकूलित होगा और इसमें आरती के दौरान बैठने के लिए एक बड़ा हाल भी बनाया जाएगा।
- गर्भ गृह के सामने शिव गंगा का निर्माण किया जाएगा, जहां श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे।
- श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए लिफ्ट की सुविधा के साथ पांच मंजिला वातानुकूलित धर्मशाला का निर्माण किया जाएगा।
- मंदिर में शिवलिंग का जलाभिषेक करने के लिए हरिद्वार से गंगाजल उपलब्ध कराया जाएगा।
- मंदिर के बाहर एक पार्क भी बनाया जाएगा।
- मंदिर में 25 फुट ऊंचे फव्वारे, केंटीन व प्रसाद की व्यवस्था भी की जाएगी।
श्री पातालेश्वर शिव मंदिर भमरौआ मंदिर को जाने वाले मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। मुख्य मार्ग को 40 फीट चौड़ा किया जा रहा है। हाइवे के किनारे पनवड़िया पर भव्य मुख्य द्वार का निर्माण कराया जाएगा।
- आकाश सक्सेना, नगर विधायक, रामपुर
भमरौआ का पातालेश्वर महादेव मंदिर महाभारतकालीन शिवालय है। मुरादाबाद मंडल के गजेटियर दो के प्रकाशन के लिए ऐतिहासिक स्थलों पर दस्तावेजी खोजबीन से पता चला कि तब यह बहुत छोटा मंदिर हुआ करता था।
- आंजनेय कुमार सिंह, मंडलायुक्त, मुरादाबाद
शिवालय का जीर्णोद्धार का कार्य इस समय चल रहा है। जिसमें उस वक्त के छोटे से मंदिर को भव्य रूप दिया जा रहा है। 151 फिट की ऊंचाई पर मंदिर की ध्वजा लहरा रही है। मंदिर को भव्य रूप देने के लिए सभी शिव भक्त सहयोग कर रहे हैं।
- शिव बहादुर सक्सेना, पूर्व राज्य मंत्री व सेवादार, श्री पातालेश्वर सेवा ट्रस्ट
ऐतिहासिक श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास चल रहा है। 100 बीघा का भव्य कारिडोर तैयार करने का प्रयास है। मंदिर के गर्भ गृह के सुंदरी करण का कार्य चल रहा है। जीर्णोद्धार के सभी कार्य शिवभक्तों के आपसी सहयोग से कराए जा रहे हैं।
- संदीप अग्रवाल सोनी, सेवादार, श्री पातालेश्वर सेवा ट्रस्ट
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