रायबरेली के AIIMS में बढ़ेंगी फैसिलिटी, अब इमरजेंसी में भी होगा मरीजों का अल्ट्रासाउंड और एक्सरे; जल्द मिलेगी सुविधा
एम्स रायबरेली की इमरजेंसी में अब अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा मिलेगी, जिससे मरीजों को जांच के लिए बेसमेंट नहीं ...और पढ़ें

HighLights
एम्स इमरजेंसी में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीनें लगेंगी।
मरीजों को जांच के लिए बेसमेंट नहीं जाना पड़ेगा।
यह सुविधा एक महीने में चालू हो जाएगी।
जागरण संवाददाता, रायबरेली। एम्स की इमरजेंसी की सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत अब यहां पर अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों और गंभीर रूप से घायलाें को तत्काल एक्सरे और अल्ट्रासाउंड किया जा सके। अभी तक मरीजों को एक्सरे व अल्ट्रासाउंड के लिए बेसमेंट में जाना पड़ता है। कक्ष बनाने की कवायद शुरू हो गई है। एक माह में इसकी सुविधा मिलने लगेगी।
एम्स में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे कक्ष बेसमेंट में बनाया गया है। 34 विभागों में आने वाले ऐसे मरीज जिन्हें जांच की जरूरत होती है, उन्हें चिकित्सक यहीं भेजते हैं। यहां तक कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का भी एक्सरे अल्ट्रासाउंड के लिए बेसमेंट जाना पड़ता है। गंभीर रूप से घायलाें और अन्य मरीजों को ले जाना और लाना काफी मुश्किल होता है।
रूरी तैयारियां शुरू
इमरजेंसी में आने वाले मरीजों और घायलों के लिए एक-एक मिनट काफी कीमती होता है। इस समस्या के निदान के लिए अब इमरजेंसी में ही एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए जरूरी तैयारियां शुरू हो गई है।
कक्ष निर्धारित होने के बाद मशीन लगाने से संबंधित प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। इमरजेंसी में प्रतिदिन 60 से 70 गंभीर रूप से घायल या मरीज आते हैं, जिन्हें अल्ट्रासाउंड या फिर एक्सरे की जरूरत होती है। अब इमरजेंसी आने वाले मरीजों की तत्काल जांच हो सकेगी।
यह भी पढ़ें- चित्रकूट में 69 साल पुराने बरुआ नदी सेतु की जगह 14.73 करोड़ से बनेगा नया पुल, 90 मीटर होगी लंबाई
इमरजेंसी में भी एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई जाएंगी। इसकी प्रक्रिया चल रही है। एक माह में इसे तैयार करके चालू कर दिया जाएगा। -डॉ. नीरज श्रीवास्तव, अपर चिकित्सा अधीक्षक एम्स
