चित्रकूट में 69 साल पुराने बरुआ नदी सेतु की जगह 14.73 करोड़ से बनेगा नया पुल, 90 मीटर होगी लंबाई
चित्रकूट में झांसी-मीरजापुर राष्ट्रीय मार्ग-35 पर 69 साल पुराने बरुआ नदी सेतु की जगह नया पुल बनेगा। 14.73 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

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HighLights
चित्रकूट में NH-35 पर नया बरुआ नदी पुल बनेगा।
14.73 करोड़ की लागत से 90 मीटर लंबा सेतु।
पुराने संकरे पुल से यातायात जाम की समस्या खत्म होगी।
जागरण संवाददाता, चित्रकूट। झांसी-मीरजापुर राष्ट्रीय मार्ग-35 पर बरुआ नदी का 69 साल पुराना संकरा पुल के स्थान पर नया सेतु बनने जा रहा है। वर्ष 1957 में निर्मित इस सेतु पर रोजाना करीब 15 हजार वाहनों का दबाव रहता है।
महज सात मीटर कैरिजवे वाले पुल पर भारी वाहनों के गुजरने के दौरान यातायात प्रभावित होता है और जाम की स्थिति बनती है। अब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पुराने सेतु की जगह 14.73 करोड़ रुपये की लागत से नए दीर्घ सेतु के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
हाईवे पर भरतकूप और शिवरामपुर के बीच किमी 92.850 पर स्थित वर्तमान बरुआ नदी सेतु की लंबाई 72 मीटर है। समय के साथ पुल की चौड़ाई और क्षमता बढ़ते यातायात के मुकाबले कम पड़ गई है। प्रस्तावित नया सेतु 90 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा होगा। इसके दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़े फुटपाथ बनाए जाएंगे। इससे पैदल राहगीरों को भी सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। पुल पर बाटलनेक खत्म होने से एनएच-35 पर यातायात की रफ्तार बेहतर होगी।
महत्वपूर्ण आंकड़े
- परियोजना : बरुआ नदी सेतु
- स्वीकृत लागत : 14.73 करोड़
- पुल की लंबाई : 90 मीटर
- पुल की चौड़ाई : 15 मीटर
- दोनों ओर फुटपाथ : 1.50 मीटर
- गुजरने वाले वाहन : 15 हजार
इनका कहना है?
नया सेतु बनने से एनएच-35 पर बनने वाला बाटलनेक समाप्त होगा। इस काम को पूरा करने की समय सीमा एक वर्ष रखी गई है। मजबूत और अधिक चौड़े नए पुल से मार्ग की दीर्घकालिक उपयोगिता तथा सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा। - मृत्युंजय कुमार (अधिशासी अभियंता) एनएच बांदा
लोग बोले
पुराने पुल की चौड़ाई कम होने के कारण आमने-सामने से भारी वाहन निकलने में काफी परेशानी होती है। कई बार कतार लगकर गुजरना पड़ता था। अब नए पुल की मंजूरी मिलने से काफी खुशी है। -श्याम सुंदर, भरतकूप
-एनएच-35 पर नए पुल के बनने से वाहनों की आवाजाही आसान होगी और जाम की समस्या कम होगी। दोनों ओर फुटपाथ बनने से पैदल चलने वालों को भी सुविधा मिलेगी। - सूरज गुप्ता,भरतकूप
