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    'गुरुजी' स्वयं की क्षमता बढ़ाने के लिए करेंगे साधना, शिष्यों की निखरेगी मेधा तो भविष्य होगा उज्जवल

    By Amlendu Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 26 Jul 2026 03:59 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार उच्चीकृत कस्तूरबा विद्यालयों के शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने का प्रयास कर रही है, जिससे छात्रों की मेधा निखरेगी और उनका भविष्य उज्ज्वल ...और पढ़ें

    यूपी के कस्तूरबा विद्यालयों के शिक्षक छात्राओं को सफल बनाने के लिए अपनी स्किल बढ़ाएंगे।

    यूपी के कस्तूरबा विद्यालयों के शिक्षक छात्राओं को सफल बनाने के लिए अपनी स्किल बढ़ाएंगे।

    HighLights

    1. यूपी सरकार का उच्चीकृत कस्तूरबा विद्यालयों के शिक्षकों की क्षमता वृद्धि का प्रयास

    2. गणित विज्ञान के शिक्षकों के साथ स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षित किया जाएगा

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रदेश सरकार का उद्देश्य शिक्षा की नींव को और मजबूत करना है। कुछ इसी दिशा में उच्चीकृत कस्तूरबा विद्यालयों के शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। यानी गुरु जी स्वयं की क्षमता विकसित करेंगे और उसका लाभ शिष्यों को मिलेगा, उनकी मेधा निखरेगी, भविष्य उज्ज्वल होगा।

    प्रदेश के 297 कस्तूरबा विद्यालयों को उच्चीकृत किया गया

    इसके लिए प्रदेश के 297 कस्तूरबा विद्यालयों को उच्चीकृत किया गया है। इन विद्यालयों में कक्षा छह से 12वीं तक की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। यहां छात्रावास की भी सुविधा है। इन विद्यालयों में 'मैथ्स इंप्रूवमेंट प्रोग्राम' और 'विज्ञान की नींव कार्यक्रम' का संचालन किया जाना है। इसके लिए गणित विज्ञान के शिक्षकों के साथ स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

    30 जुलाई को ऑनलाइन होगी कार्यशाला 

    खान एकेडमी सभी शिक्षकों के क्षमता संवर्धन के लिए यह कार्यक्रम 30 जुलाई को ऑनलाइन करेगी। इस कार्यशाला में प्रदेशभर के विद्यालयों के शिक्षक शामिल होंगे, जिससे वे अपने विद्यालय की छात्राओं को विषय से जोड़ने और प्रवीण बनाने में सहायक बनें।

    शिक्षक छात्राओं के पढ़ाई की प्रगति की समीक्षा करेंगे

    बीएसए अनिल कुमार का कहना है कि कस्तूरबा विद्यालयों की सभी छात्राओं को खान एकेडमी के प्लेटफार्म पर पंजीकृत कराना है। गणित और विज्ञान की नियमित पढ़ाई के साथ प्रश्नों के अभ्यास से भी जोड़ा जाएगा। बालिकाओं को रोस्टर के माध्यम से विद्यालय में उपलब्ध आइसीटी लैब या कंप्यूटर पर अभ्यास कराया जाए। शिक्षक नियमित रूप से छात्राओं की पढ़ाई की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे।

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    कार्यशाला में गणित, विज्ञान के शिक्षक होंगे शामिल 

    उन्होंने बताया कि 30 जुलाई को जो कार्यशाला होगी, उसमें शाम चार से पांच बजे तक गणित और विज्ञान के शिक्षक शामिल होंगे। उसके बाद नेृत्व को लेकर तीन अगस्त को फिर आनलाइन सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें कस्तूरबा की सभी प्रधानाध्यापिकाएं शामिल होंगी।

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