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    अब क्लास छूटने पर भी नहीं पिछड़ेगा सिलेबस, राजेंद्र सिंह यूनिवर्सिटी ने शुरू की नई डिजिटल व्यवस्था

    Updated: Fri, 29 May 2026 09:57 PM (GMT+05:30)

    प्रो. राजेंद्र सिंह राज्य विश्वविद्यालय छात्रों के लिए डिजिटल वीडियो लेक्चर व्यवस्था शुरू कर रहा है। इससे अनुपस्थित छात्र अपनी छूटी हुई कक्षाओं को पोर ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

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    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय में अब किसी कारणवश कक्षा छूट जाने पर छात्रों को सहपाठियों से नोट्स मांगने या अधूरे टॉपिक को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विश्वविद्यालय ऐसी डिजिटल व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिसमें कक्षा में शिक्षक पढ़ा रहे होंगे और उसी दौरान उनका वीडियो लेक्चर भी तैयार होता रहेगा।

    बाद में इन वीडियो लेक्चर को विश्वविद्यालय के पोर्टल और केंद्रीश शिक्षा मंत्रालय के मैसिव ओपन ऑनलइन कोर्सेज (मूक्स) प्लेटफॉर्म स्वयं और नपटेल पर अपलोड किया जाएगा। इसका लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जो बीमारी, परीक्षा, यात्रा या अन्य कारणों से किसी दिन कक्षा में उपस्थित नहीं हो पाते।

    अब वे छूटी हुई कक्षा को वीडियो के माध्यम से दोबारा देख सकेंगे। इससे उनका पाठ्यक्रम समय से पूरा रहेगा और कठिन विषयों को बार-बार देखकर समझने की सुविधा भी मिलेगी।

    40 से अधिक पाठ्यक्रमों के लिए वीडियो लेक्चर होंगे तैयार

    विश्वविद्यालय ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। अब तक करीब 100 वीडियो लेक्चर तैयार किए जा चुके हैं। ऐसे वीडियो को रिकॉर्ड कर अपलोड करने के साथ ही उन्हें रोचक और प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक मीडिया लैब में संपादित किया जाएगा।

    ग्राफिक्स, प्रस्तुतीकरण और बेहतर ऑडियो-वीडियो गुणवत्ता के माध्यम से इन्हें विद्यार्थियों के लिए अधिक उपयोगी बनाया जाएगा। राज्य विश्वविद्यालय की योजना है कि 40 से अधिक पाठ्यक्रमों के लिए वीडियो लेक्चर तैयार किए जाएं। इसका लाभ विश्वविद्यालय के साथ-साथ उससे जुड़े 700 से अधिक संघटक महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी मिलेगा।

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    डीन स्टूडेंट वेल्फेयर प्रो. विवेक कुमार सिंह कहते हैं कि कई कॉलेजों में सीमित फैकल्टी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसे में यह डिजिटल व्यवस्था उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। छात्र विश्वविद्यालय द्वारा तैयार वीडियो लेक्चर के माध्यम से अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

    देशभर के विद्यार्थी भी पढ़ सकेंगे

    विश्वविद्यालय की सात प्रयोगशालाओं में उपलब्ध 300 से अधिक कंप्यूटरों का उपयोग होगा। मीडिया लैब में वीडियो का संपादन कर इसको डाटा सेंटर से जोड़ा जाएगा और यहीं से वीडियो लेक्चर पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। खास बात यह है कि इन वीडियो लेक्चर को मूक्स प्लेटफॉर्म स्वयं-नपटेल पर भी अपलोड किया जाएगा।

    इससे संबंधित विषयों को देशभर के विद्यार्थी भी पढ़ सकेंगे। इससे विश्वविद्यालय की कक्षाएं अब कैंपस और कॉलेजों में न सिमटते हुए डिजिटल माध्यम से व्यापक शैक्षणिक पहुंच बनाएंगी। कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि ऑनलाइन सामग्री, वीडियो लेक्चर और तकनीक आधारित पढ़ाई आने वाले समय में उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है। शिक्षा के बदलते स्वरूप में यह पहल विश्वविद्यालय को डिजिटल लर्निंग की दिशा में आगे ले जाएगी।

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