गैस संकट से निपटेंगी रेलवे कॉलोनियां, सिलेंडर की जगह PNG आपूर्ति होगी; PMO को देना होगा हिसाब
रेलवे कॉलोनियों और वर्कशॉप में गैस संकट से निपटने के लिए अब सिलेंडर की जगह सीधे पाइप लाइन से पीएनजी ...और पढ़ें

रेलवे कालोनियों और वर्कशाप में सिलेंडरों की जगह पीएनजी आपूर्ति की जाएगी।
HighLights
18 सितंबर को सभी जोन पीएमओ को देंगे रिपोर्ट
देश भर में रेलवे ने शुरू किया है राष्ट्रव्यापी अभियान
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आए व्यवधान और देश में एलपीजी की संभावित किल्लत से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने रेलवे के जरिए बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। रेलवे कालोनियों और वर्कशाप में पारंपरिक सिलेंडरों की जगह सीधे पाइप लाइन से प्राकृतिक गैस (पीएनजी) पहुंचेगी।
इस पूरी योजना पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) सीधी नजर रख रहा है। 18 सितंबर को पीएमओ स्तर पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक होगी, जिसमें सभी जोनल रेलवे को साफ तौर पर हिसाब देना होगा कि अब तक कितने आवासीय परिसरों और वर्कशाप में पाइपलाइन पहुंचाई जा सकी है।
बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) समेत देश भर के सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों को ‘उच्च प्राथमिकता’ के आधार पर पूरा डेटा तुरंत जुटाने और साझा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी तनाव या तेल-गैस आपूर्ति में रुकावट आते ही सिलेंडरों की किल्लत, लंबी वेटिंग और रीफिलिंग का भारी संकट कालोनियों समेत कारखानों, कैंटीन और वर्कशाप में भी होता था।
अब इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान तलाशते हुए सरकार रेलवे जैसे बड़े संस्थानों को तेजी से ग्रिड आधारित पीएनजी नेटवर्क पर शिफ्ट कर रही है। नई व्यवस्था के तहत कालोनियों में चौबीसों घंटे बिना किसी रुकावट के सस्ती, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल पीएनजी उपलब्ध होगी। इससे कर्मचारियों को सिलेंडर खत्म होने या भरवाने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
रेलवे बोर्ड के अपर सदस्य पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन के एस जैन ने बताया कि सभी महाप्रबंधकों को निर्देश दिया है कि वे अपनी कालोनियों के सटीक स्थान, मकानों की कुल संख्या और उनकी भौगोलिक लोकेशन (अक्षांश व देशांतर) का ब्योरा स्थानीय अधिकृत गैस वितरण कंपनियों के साथ तत्काल साझा करें, ताकि 18 तारीख की बैठक से पहले ठोस कार्ययोजना पीएमओ के सामने रखी जा सके।
