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    रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के नये नियम से संयुक्त व बड़े परिवारों की रसोई पर संकट, महिलाएं बोलीं ‘कैसे चलेगा घर’

    By rajendra yadav Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 22 Mar 2026 04:57 PM (IST)

    रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के नए नियम ने प्रयागराज में संयुक्त परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 25 दिन बाद दूसरी बुकिंग होने से गैस की आपूर्ति में देरी ...और पढ़ें

    प्रयागराज के करेली मुहल्ले में गैस सिलेंडर लेने के लिए लगी लाइन। जागरण

    प्रयागराज के करेली मुहल्ले में गैस सिलेंडर लेने के लिए लगी लाइन। जागरण

    HighLights

    1. 25 दिन बाद गैस सिलिंडर की दूसरी बुकिंग का नियम पड़ रहा भारी

    2. डीएसी नंबर आने में 24 घंटे फिर कटती है पर्ची, तब सिलिंडर की डिलीवरी

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग को लेकर लागू किए गए नए नियम ने शहर के हजारों परिवारों की रसोई व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। नए प्रावधान के तहत अब एक सिलिंडर की बुकिंग के बाद दूसरी बुकिंग 25 दिन बाद ही संभव होगी। इस फैसले का सबसे अधिक असर संयुक्त परिवारों और बड़े परिवारों पर पड़ा है, जहां गैस की खपत स्वाभाविक रूप से अधिक होती है।

    इस पूरी प्रक्रिया में करीब 28 दिन का समय लग रहा

    पहले जहां एक सिलिंडर खत्म होने से पहले ही दूसरे की आसानी से बुकिंग हो जाती थी और समय पर सिलिंडर भी मिल जाता था। वहीं अब यह प्रक्रिया लंबी और जटिल हो गई है। 25 दिन बाद बुकिंग स्वीकार होने के बाद डीएसी नंबर आने में 24 घंटे लगते हैं, उसके बाद पर्ची कटती है और फिर सिलिंडर की डिलीवरी होती है। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 28 दिन का समय लगेगा। ऐसे में कई घरों में गैस खत्म होने से पहले ही खाने-पीने में कटौती की नौबत आ गई है।

    गैस खत्म होने का डर सता रहा 

    शहर के कई मुहल्लों में रहने वाले संयुक्त परिवारों के सामने यह नियम बड़ी चुनौती बन गया है। जिन घरों में छह से 10 सदस्य हैं, वहां एक सिलिंडर मुश्किल से 18 से 22 दिन तक ही चल पाता है। ऐसे में 25 दिन की बुकिंग सीमा उनके लिए असुविधाजनक साबित हो रही है। गृहिणियों का कहना है कि पहले वे समय से पूर्व ही गैस सिलिंडर की बुकिंग कर लेती थीं, जिससे कभी रसोई बंद होने की नौबत नहीं आती थी। लेकिन अब उन्हें गैस खत्म होने का डर सताने लगा है। साफ कहना है कि घर की रीढ़ रसोई होती है और अगर वहीं संकट आ जाए तो पूरे परिवार की दिनचर्या प्रभावित हो जाती है।

    रसोई में कटौती, खानपान पर असर

    गैस की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता के चलते कई परिवारों ने अपने खानपान में बदलाव शुरू कर दिया है। सुबह का नाश्ता हल्का किया जा रहा है, जबकि भोजन में बनाए जाने वाले व्यंजन में भी कटौती की जा रही है। कुछ परिवारों ने तो चाय और नाश्ते की संख्या तक कम कर दी है। महिलाओं का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के खानपान पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

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    वैकल्पिक साधनों की बढ़ी मांग

    गैस संकट की आशंका के चलते बाजार में इंडक्शन चूल्हे, हीटर और इलेक्ट्रिक कुकर की मांग बढ़ गई है। दुकानदारों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में इन उपकरणों की बिक्री में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, हर परिवार के लिए यह विकल्प आसान नहीं है। बिजली कटौती और बढ़ते बिजली बिल के कारण लोग पूरी तरह इलेक्ट्रिक उपकरणों पर निर्भर होने से भी हिचक रहे हैं।

    बोलीं महिलाएं

    हमारे घर में आठ लोग हैं। पहले एक सिलिंडर 20 दिन में खत्म हो जाता था और दूसरा तुरंत मिल जाता था। अब 25 दिन तक बुकिंग ही नहीं कर सकते। ऐसे में नियम बदलना चाहिए।
    - राधा साहू।

    अब हमें हर दिन सोचना पड़ता है कि क्या बनाएं और कितना बनाएं। गैस बचाने के लिए विवशता में कई चीजें बंद करनी पड़ रही हैं। समयसीमा 18-20 दिन किए जाने की जरूरत है।
    - सुधांजलि श्रीवास्तव।

    सरकार को छोटे और बड़े परिवार में फर्क करना चाहिए। 25 दिन का नियम हमारे लिए बहुत मुश्किल है। इसे पहले की तरह ही 15 दिन ही लागू करना चाहिए। इससे सभी को राहत मिलेगी।
    -रश्मि।

    यह नया नियम समझ से परे है। अगर परिवार बड़ा है तो एक सिलिंडर कैसे चलेगा? सरकार को पुन: विचार करना चाहिए। 25 दिन में दूसरी बुकिंग की समयसीमा को कम करना चाहिए।
    - निशा।

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