सिंगापुर में साइबर सुरक्षा के गुर सीखेंगे रेलवे अधिकारी, रेल मंत्रालय से ट्रेनिंग सर्कुलर जारी कर मांगे आवेदन
भारतीय रेलवे अपने अधिकारियों को सिंगापुर में साइबर सुरक्षा का अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण दिलाएगा। यह प्रशिक्षण 'स्मार्ट नेशन: साइबर सिक्योरिटी गवर्नेंस' ...और पढ़ें

इंडियन रेलवे के अधिकारी सिंगापुर में साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण लेंगे।
HighLights
भारतीय रेलवे अपनी सुरक्षा प्रणालियों को अभेद्य बनाएगा
प्रशिक्षण को योग्य रेल अधिकारियों के आवेदन मांगे गए
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। डिजिटल क्रांति और तेजी से बढ़ते तकनीकी युग के बीच भारतीय रेल अब अपनी सुरक्षा प्रणालियों को अभेद्य बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर कदम बढ़ाने जा रही है। इसी कड़ी में देश के रेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर सुरक्षा की बारीकियों और नीतियों से लैस करने की एक बड़ी तैयारी शुरू हुई है।
रेलवे बोर्ड ने ट्रेनिंग सर्कुलर जारी किया
रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) ने एक बेहद महत्वपूर्ण ट्रेनिंग सर्कुलर जारी करते हुए सिंगापुर में आयोजित होने वाले विशेष अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए देश भर से योग्य रेल अधिकारियों के आवेदन मांगे हैं। सिंगापुर सहयोग कार्यक्रम के तहत आयोजित होने वाला यह विशेष इन-पर्सन प्रशिक्षण 'स्मार्ट नेशन: साइबर सिक्योरिटी गवर्नेंस' विषय पर आधारित होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी तंत्र में साइबर सुरक्षा से जुड़ी नीतियों को और अधिक मजबूत और व्यावहारिक बनाना है।
सिंगापुर में 16 से 20 नवंबर तक प्रशिक्षण
16 से 20 नवंबर तक सिंगापुर में आयोजित पांच दिवसीय उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत की तरफ से प्रतिनिधित्व के लिए बेहद कड़ी चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। चूंकि पूरे देश से केवल एक ही स्लॉट उपलब्ध है, इसलिए केवल उन्हीं मध्य से वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों को इसमें मौका मिलेगा जो सीधे तौर पर साइबर सुरक्षा नीति नियोजन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और इसके प्रवर्तन से जुड़े हुए हैं।
विशेष प्रशिक्षण के लिए पात्रता शर्तें
इस कड़े और महत्वपूर्ण प्रशिक्षण के लिए पात्रता के पैमाने भी काफी ऊंचे रखे गए हैं, जिसके तहत सरकारी सेवा में कम से कम 5 वर्ष का अनुभव होना और उम्र 58 वर्ष से कम होना अनिवार्य है। इसके अलावा, जिन अधिकारियों ने हाल ही में कोई विदेशी प्रशिक्षण लिया है, उनके लिए छह महीने का कूलिंग-ऑफ पीरियड भी पूरा करना आवश्यक होगा।
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आने-जाने का हवाई किराया मंत्रालय वहन करेगा
इस वैश्विक प्रशिक्षण कार्यक्रम का पूरा वित्तीय ढांचा भी तय कर दिया गया है। चयनित होने वाले अधिकारी के लिए सिंगापुर में ठहरने, कोर्स की फीस, वीजा और रोजाना के दैनिक भत्ते (130 सिंगापुर डॉलर) का पूरा खर्च वहां की सरकार उठाएगी, जबकि भारत से सिंगापुर आने-जाने का हवाई किराया संबंधित रेल विभाग या मंत्रालय द्वारा वहन किया जाएगा।
21 अगस्त तक रेलवे बोर्ड को आवेदन भेजें
जो भी अधिकारी इसमें शामिल होना चाहते हैं, उन्हें वित्त विभाग की सहमति और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के साथ आगामी 21 अगस्त 2026 तक रेलवे बोर्ड को अपना आवेदन भेजना होगा। इसके बाद रेलवे बोर्ड द्वारा छंटनी कर अंतिम आवेदन 4 सितंबर 2026 तक आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) को अग्रसारित किए जाएंगे। इस प्रशिक्षण से आने वाले समय में भारतीय रेल के डिजिटल सुरक्षा तंत्र और साइबर गवर्नेंस में बड़े और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।