अब सभी छोटे और धार्मिक स्टेशनों पर भी मशीनों से होगी सफाई, पहले से लगा प्रतिबंध खत्म
भारतीय रेलवे ने छोटे, कस्बाई और धार्मिक महत्व के स्टेशनों पर मशीनी सफाई के सभी प्रतिबंध हटा दिए हैं। अब देश भर के सभी स्टेशनों पर आधुनिक मशीनों से साफ ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
छोटे और धार्मिक स्टेशनों पर सफाई प्रतिबंध हटाए गए।
सभी रेलवे स्टेशनों पर अब मशीनों से होगी सफाई।
स्वच्छता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग होगा।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। देश भर के रेलवे स्टेशनों पर गंदगी से निपटने के लिए अब आधुनिक तकनीक अपनायी जाएगी और स्टेशनों पर मशीनों से साफ-सफाई होगी। रेलवे स्टेशनों की सफाई व्यवस्था को लेकर वर्षों पुराने सख्त नियमों और बजट प्रतिबंध को हटाने का निर्णय लिया है।
अब तक केवल बड़े महानगरों और ''ए-ग्रेड'' स्टेशनों तक सीमित रहने वाली अत्याधुनिक मशीनी सफाई (मैकेनाइज्ड क्लीनिंग) जल्द ही देश के छोटे, कस्बाई, धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले स्टेशनों पर भी नजर आएगी।
रेलवे बोर्ड ने खर्च में कटौती के उद्देश्य से 2020 में नियम बनाया कि मशीनों से सफाई केवल चुनिंदा बड़े (एनएसजी एक व एसजी एक) स्टेशनों पर ही होगी। 2023 का नियम बदला और डीआरएम को धार्मिक व पर्यटन महत्व के छोटे स्टेशनों पर मशीनी सफाई की छूट तो मिली, पर प्रति रेल मंडल अधिकतम पांच स्टेशन या 15% की सीमा तय थी।
इसके चलते देश भर के सैकड़ों ऐसे स्टेशन छूट जाते थे जहां यात्रियों का आवागमन तो अधिक था, लेकिन पाबंदियों के कारण वहां आधुनिक सफाई ठेके मंजूर नहीं हो पाते थे। सात अगस्त को अब इन प्रतिबंधों को हटा दिया है।
कार्यपालक निदेशक (पर्यावरण एवं गृह व्यवस्था प्रबंधन) विनय कुमार झा ने बताया कि सभी जोनल कार्यालयों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के उन अतिरिक्त स्टेशनों की सूची तुरंत तैयार करें, जहां यात्रियों की भीड़ या धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए मशीनी सफाई की आवश्यकता है। इससे देश के कोने-कोने में स्थित छोटे व क्षेत्रीय स्टेशनों के प्लेटफार्म भी अत्याधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित कर्मचारियों के जरिए चमचमाते नजर आएंगे।