इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला, बालिग को जीवनसाथी चुनने का अधिकार; माता-पिता की मर्जी नहीं हो सकती हावी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि बालिग व्यक्ति को अपना जीवनसाथी चुनने का अधिकार है, जो अनुच्छेद 21 के ...और पढ़ें

HighLights
बालिग को जीवनसाथी चुनने का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत।
माता-पिता की मर्जी बालिग की स्वतंत्रता पर हावी नहीं।
कोर्ट ने मोनी को अपनी पसंद के साथ जाने की अनुमति दी।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि बालिग होने पर जीवनसाथी चुनने का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है। माता-पिता की चिंता कितनी भी वास्तविक क्यों न हो, वह बालिग व्यक्ति की संवैधानिक स्वायत्तता पर हावी नहीं हो सकती। जीवनसाथी चुनने का अधिकार गरिमा और स्वतंत्रता से जुड़ा है।
राज्य को इसका सम्मान करना चाहिए। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति संदीप जैन की एकलपीठ ने मोनी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार करते हुए की है। कोर्ट ने 31 अगस्त 2026 को आदेश दिया था कि राज्य सरकार और पिता संजीव युवती मोनी को अदालत में पेश करें। इसके अनुपालन में उपनिरीक्षक राकेश कुमार और महिला कांस्टेबल ज्योति थाना उसावां बदायूं उसे लेकर पहुंचे।
कोर्ट ने मोनी से बातचीत की। उसने बताया कि उसकी जन्मतिथि आठ जून 2008 है और वह बालिग हो चुकी है। कक्षा 10 तक पढ़ी है। उसने 18 जुलाई 2026 को मर्जी से याची मोहित से शादी की है। शादी बिना किसी दबाव, धमकी या बहकावे के हुई है और वह पत्नी के रूप में अपनी ससुराल में मोहित के साथ रहना चाहती है।
मोहित ने भी शादी की बात स्वीकार की और पत्नी के साथ रहने की इच्छा जताई। पिता संजीव ने कोर्ट में कहा कि वह बेटी के फैसले से निराश और आहत हैं, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि बेटी बालिग हो चुकी है। कोर्ट ने कहा, मोनी का बयान स्पष्ट और सुसंगत है। उसके हाव-भाव से ऐसा कुछ नहीं लगा कि वह किसी दबाव में है।
इस आधार पर कोर्ट ने मोनी को अपनी पसंद से मोहित के साथ जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, जिसमें उसके माता-पिता या रिश्तेदार भी शामिल हैं, उसके इस कानूनी चुनाव में हस्तक्षेप नहीं करेगा और न ही उसे धमकाएगा या परेशान करेगा।
राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि यदि मोनी और मोहित की जान को खतरा हो तो उन्हें सुरक्षा दी जाए। पुलिस यह भी सुनिश्चित करे कि दोनों को कोर्ट परिसर से उनकी पसंद की जगह तक सुरक्षित पहुंचाया जाए और उनके जाने में कोई बाधा न आए।
