अब हर बच्चा शेड के नीचे करेगा दोपहर का भोजन, प्रतापगढ़ के परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की बेहतर होगी व्यवस्था
प्रतापगढ़ के परिषदीय विद्यालयों में अब बच्चे शेड के नीचे दोपहर का भोजन करेंगे, जिससे उन्हें धूप, बारिश और ठंड से बचाव मिलेगा। विकसित भारत जी-राम-जी यो ...और पढ़ें

प्रतापगढ़ में संडवा चंद्रिका क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में बैठे बच्चे । जागरण
HighLights
वीबी जी-राम-जी योजना से 100 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में होगा निर्माण
एक शेड बनाने में खर्च होगा दो से तीन लाख रुपये, बच्चों को मिलेगा अच्छा माहौल
संवाद सूत्र, जागरण, प्रतापगढ़। परिषदीय स्कूलों में मध्याह्न भोजन यानी एमडीएम व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और गरिमापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पहले चरण में 100 से अधिक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन शेड का निर्माण कराया जाएगा। इसे वीबी जी-राम-जी (विकसित भारत जी-राम-जी) से निर्माण होगा। इन शेडों के बनने के बाद बच्चों को धूप, बारिश और ठंड के बीच खुले में बैठकर भोजन नहीं करना पड़ेगा।
सीमेंटेड प्लेटफार्म व स्थायी कुर्सियां भी होंगी
जनपद में 1,622 प्राथमिक विद्यालय है। वहीं 362 उच्च प्राथमिक और 315 कंपोजिट विद्यालय भी हैं। यहां कुल एक लाख 98 हजार 327 बच्चे नामांकित हैं। इन स्कूलों के बच्चों को मध्याह्न भोजन करने के लिए विकसित भारत जी-राम-जी योजना से शेड बनाया जाएगा। यहां बच्चों को भोजन करने के लिए सीमेंटेड प्लेटफार्म और स्थायी कुर्सियों का भी निर्माण कराया जाएगा, जिससे बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित माहौल मिल सके। योजना के तहत विद्यालयों में ऐसे शेड बनाए जाएंगे, जहां एक साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बैठकर भोजन कर सकेंगे।
खुले आसमान व पेड़ के नीचे खाना पड़ता है भोजन
निर्माण कार्य ग्राम पंचायतों द्वारा कराया जाएगा। इसमें राज्य वित्त का भी अलग से बजट मिलेगा। प्रत्येक शेड निर्माण पर दो से तीन लाख रुपये खर्च होंगे। अभी तक बच्चों को खुले आसमान और पेड़ के नीचे भोजन करना पड़ता है। बारिश के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। नए शेड बनने के बाद बेहतर सुविधा मिलेगी और विद्यालय से उनका लगाव बढ़ेगा।
चरणबद्ध तरीके से ऐसी सुविधा मिलेगी
उपायुक्त श्रम रोजगार दयाराम यादव ने बताया कि स्कूली बच्चे धूप, बारिश और खुले में अब भोजन नहीं करेंगे। इससे विद्यालय के प्रति उनकी रुचि बढ़ेगी। मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य भी बेहतर ढंग से पूरा होगा। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अन्य विद्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से ऐसी सुविधा विकसित करने की योजना है।