पीलीभीत: हाथ के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत पर कलेक्ट्रेट में भारी हंगामा, डीजल लेकर पहुंचे परिजनों ने की आत्मदाह की कोशिश
पीलीभीत के धन्वंतरि अस्पताल में हाथ के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह की धमकी देते हुए हंगामा किया, जिस ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज है।
HighLights
डीजल लेकर पहुंचे परिजन, पुलिस से नोकझोंक
अस्पताल सील करने की मांग, धरने पर बैठे स्वजन
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। शहर के गांधी स्टेडियम रोड स्थित धन्वंतरि अस्पताल में हाथ के फ्रैक्चर का आपरेशन कराने के कुछ घंटे बाद एक महिला की मौत होने के मामले में आक्रोशित स्वजन सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और जमकर हंगामा किया। स्वजन डीजल की कैन लेकर पहुंचे थे और आत्मदाह की धमकी देने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो नोकझोक भी हुई। इस दौरान पुलिस की नोकझोक हुई।
वल्लभनगर कालोनी की 53 वर्षीय पदमा अवस्थी उर्फ पूनम से जुड़ा है। कुछ दिन पहले स्टेशन रोड के पास गिरने से उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। पहले उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ न होने की बात कहकर उन्हें धन्वंतरि अस्पताल में डाॅ. अक्षत पांडेय से संपर्क करने की सलाह दी गई।
स्वजन तीन अगस्त की रात पदमा को धन्वंतरि अस्पताल ले गए। डाक्टरों ने आपरेशन की सलाह दी और उसी रात आपरेशन किया गया। आपरेशन के बाद स्वजन को बताया गया कि आपरेशन सफल रहा और मरीज की हालत सामान्य है। कुछ देर बाद अस्पताल कर्मियों ने कहा कि महिला को कार्डियक अरेस्ट हुआ है और हालत बिगड़ गई है।
उसे दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात कही गई, लेकिन इसी बीच पदमा की मौत हो गई। सूचना पर कोतवाली पुलिस और सीओ सिटी अमरनाथ वर्मा मौके पर पहुंचे। मृतका के बेटे अनुराग अवस्थी की तहरीर पर सदर कोतवाली में अस्पताल संचालक डाॅ. उपेंद्र नाथ और हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅ. अक्षत पांडेय के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया गया है।
खबरें और भी
घटना के विरोध में स्वजन ने घर के बाहर पोस्टर लगाकर सोमवार को आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इसके बाद वह कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम ज्ञानेंद्र सिंह व सीएमओ डाॅ. बीसी पंत से मुलाकात की। सीएमओ ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इससे नाराज स्वजन ने सीएमओ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डीजल लेकर खुद को आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने बीच-बचाव कर डीजल की कैन छीन ली। इस दौरान प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। परिजन अस्पताल को सील करने और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। मामले की जांच जारी है।