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    पीलीभीत टाइगर रिजर्व: जंगल सफारी का आज आखिरी दिन, शाम से थमेगी पर्यटकों की चहल-पहल

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 02:33 PM (IST)

    पीलीभीत टाइगर रिजर्व का सात माह लंबा पर्यटन सत्र मंगलवार शाम से समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद जंगल सफारी पर अगले सत्र तक रोक लग जाएगी। ...और पढ़ें

    पीलीभीत टाइगर रिजर्व।

    पीलीभीत टाइगर रिजर्व।

    HighLights

    1. पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र मंगलवार शाम से बंद।

    2. सात माह तक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भरपूर आनंद लिया।

    3. वन्यजीव संरक्षण और जंगल रखरखाव पर रहेगा मुख्य फोकस।

    संवाद सहयोगी, कलीनगर (पीलीभीत)। सात माह तक पर्यटकों से गुलजार रहे पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र मंगलवार शाम से बंद हो जाएगा। सत्र के अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में पर्यटक जंगल सफारी का आनंद लेने पहुंचे।

    पूरे पर्यटन सीजन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव प्रेमियों ने बाघ, हिरन, हाथी समेत अन्य वन्यजीवों का दीदार किया और प्राकृतिक सौंदर्य का भरपूर आनंद उठाया।

    सोमवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटक ने किया टाइगर रिजर्व का भ्रमण

    पीलीभीत टाइगर रिजर्व का वर्ष 2025-26 का पर्यटन सत्र मंगलवार शाम को औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही जंगल सफारी पर अगले पर्यटन सत्र तक रोक लग जाएगी। सोमवार सुबह से ही पर्यटकों का उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग सफारी के लिए टाइगर रिजर्व पहुंचे।

    पर्यटकों को मिला भालू, टाइगर और अन्य जानवर देखने का मौका

    इस पर्यटन सत्र के दौरान पर्यटकों ने जंगल की हरियाली, प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीवों के दर्शन का भरपूर आनंद लिया। कई पर्यटकों को सफारी के दौरान बाघ, भालू समेत विभिन्न प्रजातियों के पक्षी और अन्य वन्यजीव देखने का अवसर मिला। इससे उनके सफर की यादें और भी खास बन गईं।

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    पर्यटन सत्र के समापन के बाद अब टाइगर रिजर्व का मुख्य फोकस वन्यजीवों के संरक्षण, मानसून के दौरान प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा तथा जंगल के रखरखाव पर रहेगा

    बरसात के मौसम में कच्चे मार्गों की स्थिति प्रभावित होने के कारण पर्यटन बंद कर दिया जाता है। इस पर्यटन सत्र में पर्यटकों ने जंगल सफारी का भरपूर आनंद लिया। बाघों की साइटिंग भी काफी अच्छी रही।

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