शराब दुकान का विरोध पड़ा भारी: 28 महिलाओं पर हत्या के प्रयास का केस, अब रात भर जागकर दे रहीं पहरा
पीलीभीत के बूंदीभूड़ गांव में शराब की दुकान पर हुए बवाल के बाद 28 महिलाओं सहित 58 लोगों पर प्राथमिकी ...और पढ़ें

बूदीभूड़ गांव में प्रदर्शन करती महिलाएं। जागरण
HighLights
बूंदीभूड़ में मुकदमों के बाद दहशत में ग्रामीण, रातभर पहरा दे रहीं महिलाएं
संवाद सूत्र, माधोटांडा (पीलीभीत)। बूंदीभूड़ गांव में शराब की दुकान पर बवाल में 28 महिलाओं समेत 58 पर प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। सभी आरोपितों पर दंगा, हत्या का प्रयास, सरकारी काम में बाधा, समूह बनाकर बवाल, तोड़फोड़ की धारा लगाई गई है। अब ग्रामीणों को डर है कि कहीं पुलिस उनके गांव में अचानक छापामारी करके गिरफ्तार करना शुरू न कर दे।
इससे वे लोग समूह बनाकर रातों में जाग रहे हैं, जबकि गांव की ओर लाइट लाइटें देखकर जाग जाते हैं। शुक्रवार को माधोटांडा थाना पुलिस घटनास्थल से क्षतिग्रस्त बस एवं अफसरों के दोनों वाहन ले आई। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने इनमें तोड़फोड़ की थी।
नौ अप्रैल को बूंदीभूड़ गांव में सुनील कुमार मिश्रा के नाम से अंग्रेजी व जगवती के नाम से देसी शराब की दुकान आवंटित हुई थी, जिसे खोलने को लेकर बवाल हुआ था। तीसरे दिन भी महिलाएं लगातार प्रदर्शन और नारेबाजी कर शराब की दुकान का विरोध जारी रखे हैं।
शराब ठेके का विरोध कर रही महिलाओं और ग्रामीणों का आक्रोश अब मुकदमे दर्ज होने के बाद और बढ़ गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद गांव में दहशत है, जिन लोगों के नाम मुकदमे में शामिल हैं। उनके स्वजन व ग्रामीणों को आशंका है कि पुलिस कभी भी गांव में पहुंचकर गिरफ्तारी कर सकती है।
इसके चलते गांव में रात के समय लोग जागकर पहरा दे रहे हैं। गांव के बाहरी हिस्सों पर ग्रामीण निगरानी कर रहे हैं ताकि प्रशासन की गतिविधियों की जानकारी समय रहते मिल सके। दिन में भी गांव के लोग समूह बनाकर चौकसी करते दिखाई दे रहे हैं।
महिलाएं लगातार गांव में प्रदर्शन कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में किसी भी कीमत पर शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। गांव के लोगों ने साफ कहा है कि चाहे इसके लिए कितना भी बड़ा आंदोलन क्यों न करना पड़े, शराब की दुकान का विरोध जारी रहेगा।
