बिना मिट्टी के उगेगी सब्जी की पौध! पीलीभीत में इजराइली तकनीक का कमाल, किसानों की चमकेगी किस्मत
पीलीभीत में 1.28 करोड़ की लागत से हाईटेक नर्सरी तैयार हुई है, जहां इजराइली तकनीक से बिना मिट्टी के रोगमुक्त सब्जी और फल की पौध तैयार की जाएगी। इससे कि ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
सब्जी की खेती में आएगी तेजी, फफूंद और मिट्टी जनित बीमारियों का नहीं होगा खतरा
वैभव मिश्र, पीलीभीत। किसानों को अब सब्जी पौध के लिए दूसरे जिलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। कृषि विज्ञान केंद्र टांडा बिजैसी में हाईटेक नर्सरी बनकर तैयार हो गई है। इसकी खासियत यह है कि यहां इजराइली तकनीक से बिना मिट्टी के रोगमुक्त सब्जी की पौध तैयार होगी। करीब 1.28 करोड़ की लागत से बने इस सेंटर आफ एक्सीलेंस फार वेजिटेबल में जल्द ही किसानों को उन्नत किस्म की पौध मिलना शुरू हो जाएगी।
तराई क्षेत्र के पीलीभीत में अब तक मुख्य फसलें गेहूं, धान और गन्ना रही हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में सब्जी की खेती भी तेजी से बढ़ी है। दिक्कत यह थी कि किसान खुद ही पौध तैयार करते थे, जिसमें गुणवत्ता और रोग की समस्या से उत्पादन घट जाता था। अब हाईटेक नर्सरी से यह झंझट खत्म हो जाएगा। उद्यान विभाग की ओर से बनाई गई इस नर्सरी के पाली हाउस में सभी उपकरण लग चुके हैं।

बिजली का कनेक्शन मिलने के बाद पौध उत्पादन शुरू कर दिया गया है। नर्सरी में मिट्टी के बजाय इजराइली तकनीक हाइड्रोपोनिक्स, कोकोपीट आधारित विधि अपनाई जा रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. शैलेंद्र सिंह ढाका का कहना है कि बिना मिट्टी के पौध तैयार करने से फफूंद और मिट्टी जनित बीमारियों का खतरा नहीं रहता।
पौध हल्की होगी, इसलिए ट्रांसपोर्ट करना भी आसान होगा। यहां हर साल करीब पांच लाख सब्जी पौध उगाई जा सकेंगी। किसान पसंद की फसल का बीज देकर डिमांड के अनुसार बेहद कम दाम पर पौध ले सकेंगे। सब्जी फसलों को बढ़ावा देने के लिए यह नर्सरी बनाई गई है। स्ट्रक्चर तैयार होने के बाद उत्पादन भी शुरू कर दिया गया है।
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सब्जियों के साथ फलों की पौध होगी तैयार
कृषि विज्ञान केंद्र की हाईटेक नर्सरी में सब्जी ही नहीं, फलों की पौध भी तैयार होगी। इजराइली तकनीक से बिना मिट्टी उगाई जाने वाली यह पौध रोगमुक्त और स्वस्थ होगी। पाली हाउस में सभी जरूरी उपकरण लग चुके हैं, नर्सरी शुरू होने पर किसान आम, अमरूद, नींबू जैसी फलों की पौध भी ले सकेंगे। इससे फल उत्पादन बढ़ेगा और किसान कम लागत में गुणवत्तापरक पौध पाकर मुनाफा कमा सकेंगे।
पसंद नहीं आए पौध तो किसान ला सकते हैं अपना बीज
हाईटेक नर्सरी में किसानों को पौध खरीदने की बाध्यता नहीं होगी। बताया कि अगर किसान को नर्सरी की तैयार पौध पसंद नहीं आती तो वह अपना बीज लाकर पौध तैयार करा सकता है।
इसके लिए किसान को नर्सरी की पौध लेने पर दो रुपये प्रति पौधा देना होगा, जबकि अपना बीज देने पर एक रुपये प्रति पौधा ही लगेगा। इस सुविधा से किसान पसंदीदा किस्म की रोगमुक्त पौध कम दाम में प्राप्त कर सकेंगे और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
बिना मिट्टी वाली तकनीक के फायदे
- मिट्टी जनित रोग, फफूंद और कीड़ों का खतरा नहीं रहेगा।
- पौध शत प्रतिशत रोगमुक्त और स्वस्थ होगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा।
- पौध हल्की होने से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना आसान।
- कम जगह में ज्यादा पौध तैयार हो सकेगी।
- किसानों को कम दाम पर गुणवत्ता वाली पौध मिलेगी।
हाईटेक नर्सरी की खासियतें
- लागत : 1.28 करोड़ रुपये
- स्थान : कृषि विज्ञान केंद्र, टांडा बिजैसी
- क्षमता : हर साल लगभग पांच लाख सब्जी की पौध
- तकनीक : इजराइल की बिना मिट्टी वाली पौध उत्पादन तकनीक
- सुविधा : किसान अपना बीज देकर पसंदीदा सब्जी की पौध बनवा सकेंगे
किसानों को उन्नत और रोगमुक्त सब्जी पौध उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह हाईटेक नर्सरी स्थापित की गई है। नर्सरी में हर साल लगभग पांच लाख सब्जी की पौध तैयार होंगी। किसान अपना बीज देकर मनचाही फसल की पौध कम दाम पर ले सकेंगे। सब्जियों के साथ आम, अमरूद, नींबू जैसी फलों की पौध भी तैयार की जाएगी।
- डाॅ. शैलेंद्र सिंह ढाका, कृषि वैज्ञानिक
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