रीजनल मेडिकल हब के लिए YEIDA में 500 एकड़ जमीन चिह्नित, गौतमबुद्ध नगर समेत कई जिलों को मिलेगा लाभ
यमुना प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 13 और 14 में रीजनल मेडिकल हब के लिए 500 एकड़ जमीन चिह्नित की है। यह हब चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करेगा और मेड ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
यमुना प्राधिकरण ने 500 एकड़ जमीन रीजनल मेडिकल हब के लिए चिह्नित की।
यह हब सेक्टर 13 व 14 में बनेगा, चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देगा।
गौतमबुद्ध नगर समेत आसपास के जिलों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने रीजनल मेडिकल हब के लिए पांच सौ एकड़ जमीन चिह्नित की है। यह जमीन प्राधिकरण के सेक्टर 13 व 14 में है।
शासन ने रीजनल मेडिकल हब के लिए जमीन तलाशने को यीडा को निर्देश दिए थे। जमीन चिह्नित होने के बाद प्रदेश सरकार जल्द ही केंद्र को रीजनल मेडिकल हब का प्रस्ताव भेज सकती है।
केंद्र सरकार ने चिकित्सा सेवाओं को ओर सुढृढ़ करने एवं मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बजट में पांच रीजनल मेडिकल हब की घोषणा की थी। इन्हें राज्य व निजी क्षेत्र की भागीदारी से विकसित किया जाना है।
चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने की तैयारी
केंद्र की इस योजना का फायदा उठाकर प्रदेश सरकार अपने चिकित्सा ढांचे को और मजबूत करना चाहती है। इसलिए शासन ने यीडा को रीजनल मेडिकल हब के लिए जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।
प्राधिकरण सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि यीडा के पास सेक्टर 13 व 14 में संस्थागत श्रेणी में पर्याप्त जगह उपलब्ध है। इसे रीजनल मेडिकल हब के लिए चिह्नित किया गया है। सेक्टर 13 में प्राधिकरण पहले ही 189 एकड़ जमीन क्रय कर चुका है।
सेक्टर 14 में भी जमीन क्रय की जा रही है। दोनों सेक्टर के बीच में कमर्शियल श्रेणी की जमीन भी है। इसका उपयोग भी हो सकेगा। प्रदेश सरकार के माध्यम से रीजनल मेडिकल हब के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
रीजनल मेडिकल हब में होंगी ये सुविधाएं
रीजनल मेडिकल हब में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय, मेडिकल कालेज, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च, आयुष सेंटर, मेडिकल वैल्यू टूरिज्म फैसेलिटी सेंटर, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स, पोस्ट ट्रीटमेंट केयर, रीहैब सेंटर आदि होंगी।
गौतमबुद्ध नगर व आस पास के जिलोंं के लोगों को होगा फायदा
रीजनल मेडिकल हब में मेडिकल टूरिज्म के तौर पर बाहर से उपचार कराने आने वालों को फायदा होगा। इसके अलावा गौतमबुद्ध नगर वबुलंदशहर, अलीगढ़, गाजियाबाद, मथुरा, आगरा आस पास के जिलों के मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। चिकित्सा क्षेत्र के पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।