यमुना सिटी बनेगी शिक्षा का नया हब, सात विश्वविद्यालयों के निर्माण से बदलने जा रही है इलाके की तस्वीर
यीडा यमुना सिटी के सेक्टर-17ए और 22ई को अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक हब के रूप में विकसित कर रहा है, जहां सात नए विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। ...और पढ़ें

यीडा यमुना सिटी के सेक्टर-17ए और 22ई को अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक हब के रूप में विकसित कर रहा है। इमेज एआई
HighLights
यमुना सिटी के सेक्टर-17ए और 22ई में शैक्षिक हब।
सात नए विश्वविद्यालयों की स्थापना की योजना, उच्च शिक्षा को बढ़ावा।
तीन विश्वविद्यालयों का निर्माण शुरू, चार का भूमि आवंटन अंतिम चरण।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण (यीडा) यमुना सिटी के सेक्टर-17ए और 22ई को अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षिक हब के रूप में विकसित करने जा रहा है। इसके तहत यहां उच्च शिक्षा के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
यीडा के अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-17 और 22ई में कुल सात नए विश्वविद्यालयों की योजना है। इनमें से तीन विश्वविद्यालयों ने भूमि आवंटन के बाद नक्शा पास कराकर मौके पर काम शुरू कर दिया गया है, जबकि चार अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
वर्तमान में सेक्टर-17 में गलगोटिया विश्वविद्यालय, नोएडा इंटरनेशनल विश्वविद्यालय और निम्स मेडिकल कालेज पहले से संचालित हैं। अब सेक्टर-22ई में जेबीएम विश्वविद्यालय का निर्माण तेजी से चल रहा है और इसके साल के अंत तक पूरा होने की संभावना है।
इसी सेक्टर में प्रसिद्ध एनएमआइएमएस ने भी महाराष्ट्र के बाहर अपना पहला कैंपस शुरू किया है। संस्थान ने 35 एकड़ में नक्शा पास कराकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। सेक्टर-17ए में जीएल बजाज विश्वविद्यालय का निर्माण भी जारी है। इसके अलावा एमिटी विश्वविद्यालय, लायड, बाबू बनारसी दास और महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के लिए भूमि देने की प्रक्रिया चल रही है।
खबरें और भी
यीडा जल्द ही इन संस्थानों को भूमि सौंपने की तैयारी में है। यीडा के सीईओ आरके सिंह का कहना है कि शहर में इस वर्ष विश्वविद्यालय शुरू करने पर विशेष जोर है। जेबीएम विश्वविद्यालय का काम जल्द पूरा होगा। साथ ही देश-विदेश के बड़े विश्वविद्यालयों और संस्थानों को भूमि देने की तैयारी चल रही है ताकि यमुना सिटी शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन सके।