यमुना एक्सप्रेसवे पर अचानक छाया घना कोहरा, 100 मीटर से कम हुई विजिबिलिटी; रेंगने को मजबूर हुए वाहन
यमुना एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह अचानक घनी धुंध छा गई, जिससे दृश्यता 100 मीटर से भी कम हो गई। वाहनों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा से भी कम हो गई। ...और पढ़ें

घने कोहरे की चादर से यमुना एक्सप्रेसवे पर थमी वाहनों की रफ्तार। (वीडियो ग्रैब)
HighLights
यमुना एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह अचानक घनी धुंध छाई।
दृश्यता 100 मीटर से कम हुई, वाहन धीमी गति से चले।
एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने सुरक्षित ड्राइविंग के लिए चेतावनी जारी की।
जागरण संवाददाता, जेवर (ग्रेटर नोएडा)। यमुना एक्सप्रेस वे पर शनिवार शुभ है अचानक कोहनी जैसी घनी धुंध छा गई जिसकी वजह से दृश्यता 100 मीटर से भी काम हो गई।
दृश्यता कम होने की वजह से फर्राटा भरने वाले वाहन 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से भी काम दौड़ने लगे। एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने टोल प्लाजा पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम से वाहन चालकों को धुंध के दौरान सुरक्षित चलने के लिए अनाउंसमेंट शुरू कर दिया।

आमतौर पर दिल्ली एनसीआर में 15 दिसंबर से 15 फरवरी के दौरान घने कोहरे का अलर्ट रहता है। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी प्रमुख एक्सप्रेसवे और हाईवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा को भी काम कर दिया जाता है।
बढ़ाई गई थी अधिकतम सीमा
यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरा खत्म होने के बाद 15 फरवरी से लाइट मोटर व्हीकल के लिए अधिकतम सीमा को 75 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़कर 100 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया गया था।

लेकिन मार्च की शुरुआत में शनिवार शुबह छह बजे के बाद अचानक कोहरा जैसी धुंध की चादर छाने से एक्सप्रेसवे पर दृश्यता बेहद कम हो गई। जिसकी वजह से वाहनों की रफ्तार थम गई। एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने सभी वाहन चालकों को धुंध के दौरान सुरक्षित और संभलकर वाहन चलाने की सलाह दी है।