सोनीपत-फरीदाबाद समेत NCR के इन इलाकों में सुबह-सुबह छाया कोहरा, ग्रेटर नोएडा में भी कम रही विजिबिलिटी
एनसीआर के कुछ इलाकों में शनिवार सुबह अचानक घना कोहरा छा गया, जिससे सोनीपत, फरीदाबाद और यमुना एक्सप्रेस-वे पर विजिबिलिटी काफी कम हो गई। कोहरे के कारण य ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शनिवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। कई इलाकों में घनी धुंध और कोहरे की चादर देखने को मिली।

सोनीपत में छाई घनी धंध। जागरण
फरीदाबाद में सुबह करीब छह बजे के बाद अचानक घना कोहरा छा गया यहां दिन का तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि नोएडा के कई हिस्सों में भी दृश्यता काफी कम रही। हरियाणा के सोनीपत में भी दिन की शुरुआत घनी धुंध के साथ हुई, जिससे सुबह के समय यातायात प्रभावित हुआ।
हांलाकि कुछ समय के बाद मौसम सामान्य हो गया
दिल्ली में कैसा रहेगा आज का मौसम
राजधानी दिल्ली के मौसम की बात करें तो शनिवार, 7 मार्च 2026 को सुबह तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

फरीदाबाद में घने कोहरे के बाच चलते वाहन। जागरण
यमुना एक्सप्रेसवे पर दृश्यता 100 मीटर से कम
शनिवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे पर अचानक घनी धुंध छा गई, जिससे दृश्यता 100 मीटर से भी कम हो गई। कम दृश्यता के कारण तेज रफ्तार से चलने वाले वाहन भी करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने लगे।

यमुना एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे से घटी विजिबिलिटी। जागरण
एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने टोल प्लाजा पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से वाहन चालकों को सावधानी बरतने और धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की।
सर्दियों में रहता है कोहरे का अलर्ट
आमतौर पर दिल्ली-एनसीआर में 15 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच घने कोहरे का अलर्ट रहता है। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रमुख एक्सप्रेसवे और हाईवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा भी कम कर दी जाती है।
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जेवर में छाया घना कोहरा। जागरण
यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरा खत्म होने के बाद 15 फरवरी से लाइट मोटर व्हीकल के लिए अधिकतम गति सीमा 75 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 100 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई थी। लेकिन मार्च की शुरुआत में शनिवार सुबह अचानक धुंध छाने से दृश्यता बेहद कम हो गई और वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई।

सोनीपत में घने कोहरे से दृश्यता हुई कम। जागरण
जलवायु परिवर्तन पर अध्ययन ने बढ़ाई चिंता
इसबीच जलवायु परिवर्तन और बढ़ते वैश्विक तापमान को लेकर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक नए अध्ययन ने भारत के लिए चिंता बढ़ा दी है। नेचर सस्टेनेबिलिटी जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के मुताबिक यदि दुनिया का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ता है तो भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर भारत पर पड़ सकता है।
अध्ययन के अनुसार वर्ष 2050 तक दुनिया की करीब 41 प्रतिशत आबादी यानी लगभग 3.8 अरब लोग भीषण गर्मी की स्थिति में रहने को मजबूर हो सकते हैं। वर्ष 2010 में यह आंकड़ा करीब 23 प्रतिशत था।
शोधकर्ताओं का कहना है कि भारत की बड़ी आबादी और पहले से ही गर्म जलवायु इसे अधिक संवेदनशील बनाती है। तापमान बढ़ने से देश में हीट स्ट्रेस के कारण होने वाली मौतों का खतरा भी बढ़ सकता है।
दिल्ली की हवा भी खराब
राजधानी की हवा की बात करें तो शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 251 दर्ज किया गया, जो “अनहेल्दी” श्रेणी में आता है।
आंकड़ों के मुताबिक पीएम 2.5 का स्तर 251 जबकि पीएम 10 का स्तर 170 दर्ज किया गया। खराब वायु गुणवत्ता के कारण संवेदनशील वर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
(सभी फोटो- जागरण)
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