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    नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का दबाव घटाएगा यमुना तटबंध, एक सप्ताह में चलने लायक होगा रास्ता

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 09:25 PM (GMT+05:30)

    नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर यातायात का दबाव कम करने के लिए यमुना तटबंध को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग किया जाएगा। सिंचाई विभाग ने 11.200 किल ...और पढ़ें

    एआई जेनेरेटेड इमेज।

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    HighLights

    1. यमुना तटबंध बनेगा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का वैकल्पिक मार्ग।

    2. सिंचाई विभाग ने 11.200 किमी तटबंध का नवीनीकरण कार्य आरंभ किया।

    3. एक सप्ताह में प्रारंभिक मरम्मत, वर्षा के बाद रिसरफेसिंग होगी।

    जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर यातायात का दबाव कम करने के लिए यमुना तटबंध (सेक्टर-94 से सेक्टर-135 नंगली वाजिदपुर) को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग किया जाएगा।

    इस दिशा में नोएडा प्राधिकरण के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने तटबंध के नवीनीकरण का कार्य आरंभ कर दिया है। यह कार्य 11.200 किलोमीटर लंबे चार लेन के तटबंध पर किया जाएगा, जिसमें साफ-सफाई का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है।

    मरम्मत शुरू, एक सप्ताह में सुधरेगा मार्ग

    शनिवार को उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने यमुना तटबंध से झाड़ियाँ, धूल-मिट्टी हटाने और गड्ढों को भरने का कार्य शुरू किया। यह कार्य एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा।

    हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने बताया है कि सड़क पर बिटुमिन का कार्य वर्षा समाप्त होने के बाद किया जाएगा, लेकिन उससे पहले सड़क को इस स्थिति में लाया जाएगा कि लोग इसका आसानी से उपयोग कर सकें।

    वर्तमान में सड़क पर अत्यधिक गंदगी और बड़े गड्ढे हैं, जिन्हें भरने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा, सड़क के किनारे घनी झाड़ियाँ उगी हुई हैं, जिनके बीच से गुजरने में लोगों को डर लगता है।

    गौरतलब है कि लगभग दस वर्ष पूर्व यमुना तटबंध को सड़क के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह खस्ताहाल हो गया। इस मार्ग पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे आवागमन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है।

    लंबे समय से चल रही नवीनीकरण की मांग

    लंबे समय से यमुना तटबंध के नवीनीकरण की मांग की जा रही थी, जिसके लिए प्राधिकरण ने सिंचाई विभाग से एस्टीमेट मांगा था। विभाग ने 34 करोड़ रुपये में नवीनीकरण का प्रस्ताव दिया, जिसे प्राधिकरण के सीईओ ने मंजूर कर 11.98 करोड़ रुपये का फंड जारी किया।

    हालांकि, टेंडर प्रक्रिया में समय लगने के कारण कार्य में देरी हुई। अब सिंचाई विभाग ने प्राधिकरण को सूचित किया है कि वर्षा समाप्त होते ही तटबंध पर रिसरफेसिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

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    महामाया फ्लाईओवर से लेकर सेक्टर-150 तक एक्सप्रेसवे पर पिक आवर्स के दौरान ट्रैफिक से बचने के लिए यह मार्ग एक बेहतरीन बायपास साबित होगा।

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    अशोक कुमार अरोड़ा, महाप्रबंधक (सिविल), नोएडा प्राधिकरण।

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