नोएडा में कार ओवरटेक करने पर पीटा, बेबस बहन भाई को बचाने की लगाती रही गुहार
नोएडा में एफएनजी रोड पर ओवरटेक करने को लेकर हुए विवाद में कार सवार चार लोगों ने तीन भाई-बहनों से ...और पढ़ें

सेक्टर-113 थाना क्षेत्र में रोडरेज की घटना हुई। सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated
HighLights
एफएनजी रोड पर ओवरटेक को लेकर मारपीट हुई।
कार सवार चार लोगों ने भाई-बहनों को पीटा।
पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर केस दर्ज किया।
जागरण संवाददाता, नोएडा। सेक्टर 113 थाना क्षेत्र के एफएनजी रोड पर रविवार शाम ओवरटेक करने को लेकर कार सवार चार लोग इस कदर नाराज हो गए। उन्होंने इसे अपने अहम पर चोट मानते हुए ओवरटेक करने वाली कार का पीछा किया। कुछ दूर जाकर कार को रूकवाया। कार में सवार तीन भाई-बहनों से मारपीट की।
पीड़ित ने कार नंबर के आधार पर दर्ज कराया केस
16 वर्षीय बेबस बहन भाई को बचाने के लिए आरोपितों से गुहार लगाती रही, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा। उसके भाई को पीटकर लहूलुहान कर दिया। पीड़ित ने वाहन नंबर के आधार पर सेक्टर 113 थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस आरोपितों की पहचान और तलाश में जुटी है।
क्या है पूरा मामला?
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की समृद्धि ग्रांड एवेन्यू सोसायटी के रहने वाले रुद्राक्ष परिवार संग रहते हैं। वह ग्रेटर नोएडा के एक कॉलेज के बीटेक के छात्र हैं। रविवार शाम को अपने भाई व 16 वर्षीय बहन के साथ कार से घर लौट रहे थे। एफएनजी रोड पर ओवरटेक करने को लेकर नोएडा नंबर की वाक्सवैगन टैगुन माडल कार सवार चार लोगों नाराज हो गए।
उन्होंने कुछ दूरी पर जाकर उनकी कार को जबरन रुकवा लिया। आगे कार निकालने को लेकर अभद्रता करने लगे। इसका विरोध करने पर आरोपितों ने लात-घूंसों व डंडों से मारपीट की। नाबालिग छोटी बहन ने भाई को पिटने से बचाने का प्रयास किया। वह आरोपितों के हाथ जोड़ती रही।
आरोपितों ने कार का शीशा तोड़कर नुकसान पहुंचाया और धमकी देकर भाग गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों का प्राथमिक उपचार कराया। पीड़ित की बहन डरकर सहम गई थी। पुलिस के आने और उसे पानी पिलाने पर वह सामान्य हुईं।
पीड़ित ने उपचार कराया और सेक्टर 113 थाना पुलिस से शिकायत की। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच कराई जा रही है। वाहन नंबर यूपी 16 ईएन 2015 के आधार पर उसके स्वामी और आरोपितों को ढूंढा जा रहा है।
जरा-जरा सी बात न खोएं आपा, पड़ सकता है भारी
नाक पर गुस्सा रखा होने के चलते लोग जरा-जरा सी बात पर आपा खो देते हैं। यही गुस्सा मारपीट व कई बार जानलेवा तक साबित होता है। केस दर्ज होने पर लोगों को थाने व अदालत के चक्कर काटने पड़ते हैं। मनोचिकित्सक डॉ. संजीव ने बताया कि रोड रेज को तीव्र गुस्सा या बदसलूकी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नजरअंदाज करने पर यह समस्या और खतरनाक हो सकती है।
