मादक पदार्थ तस्करी से साइबर ठगी तक... नोएडा पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां क्या?
नोएडा पुलिस ने संगठित अपराध और माफिया पर नकेल कसी है, लेकिन मादक पदार्थ तस्करी और साइबर ठगी अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। अपर पुलिस आयुक्त ने बताया क ...और पढ़ें
-1786315145032_m.webp)
नोएडा पुलिस ने संगठित अपराध और माफिया पर नकेल कसी है
HighLights
मादक पदार्थ तस्करों पर पिट-एनडीपीएस एक्ट लगाने की तैयारी।
साइबर ठगी रोकने को जागरूकता अभियान और तत्काल कार्रवाई।
सड़क हादसों में 20% कमी, फर्जी कॉल सेंटरों पर शिकंजा।
मुनीश, नोएडा। नोएडा में संगठित अपराध से लेकर माफिया तक की कमर तोड़ी है। लूट, डकैती और चोरी के अपराध का ग्राफ गिरा है, लेकिन मादक पदार्थ तस्करी और साइबर ठगी की घटनाएं नहीं रुकी है। तस्कर और साइबर ठग लगातार पुलिस को चुनौती दे रहे। चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस क्या कर रही है। इस संबंध में दैनिक जागरण संवाददाता मुनीश शर्मा ने अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र से बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश...
तमाम बड़े अपराधी पकड़े, मादक पदार्थ तस्करी पर रोक नहीं लग पा रही?
ऐसा नहीं है। सख्ती बरती जा रही। नार्थ-ईस्ट समेत ओडिशा से मादक पदार्थ लाने वालों को पकड़ने के लिए नारको समेत कमिश्नरेट पुलिस की टीमें काम कर रहीं। बड़ी खेप के साथ कई अपराधी पकड़े गए हैं। स्थानीय स्तर पर मादक पदार्थ बेचने का नेटवर्क चलाने वाले तस्कर नूरी, हेमा, संजीव साहू, रिंकू यादव सलाखों के पीछे हैं। इन पर पिट-एनडीपीएस एक्ट लगाने की प्रक्रिया चल रही। नेटवर्क में शामिल अन्य सदस्यों पर भी शिकंजा कसा जा रहा। लोगों से भी अपील है कि मादक पदार्थ बेचने वालों की सूचना दें।
डिजिटल अरेस्ट और शेयर ट्रेडिंग फ्राड के मामले क्यों नहीं रुक रहे?
साइबर ठगी से बचाने के लिए लोगों को पुलिस लगातार जागरूक कर रही है। दैनिक जागरण समेत अन्य समाचार पत्रों के माध्यम से भी अपील की जा रही कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं होता है। ठगों के झांसे में आने से बचें। शार्ट टर्म गेन के जाल में नहीं फंसे। अपने डाटा को सुरक्षित रखने का प्रयास करें। ठगी होने पर गोल्डन आवर के नियम का पालन करते हुए तत्काल पूरी जानकारी के साथ एनसीआरपी पोर्टय या 1930 पर काल करें।
तमाम अभियान चल रहे, सड़क हादस नहीं रुक रहें?
सड़क हादसे रोकने के लिए गौतमबुद्ध नगर जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना में शामिल है। ब्लैक स्पाट को चिह्नित कर इन पर काम कराया जा रहा। लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ जुर्माना लगाने, इंजीनियरिंग खामियां दूर करने की दिशा में भी काम हो रहा। इन सब प्रयासों के चलते विगत सालों की तुलना में इस साल सात माह में सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में 20 प्रतिशत तक की कमी आई है। लोग यातयात नियमों का पालन करें। ओवरस्पीड में वाहन न चलाएं।
खबरें और भी
स्कूल, कॉलेज और मंदिर के आसपास शराब की दुकान कैसे संचालित हो रहीं?
ऐसी दुकानों को चिह्नित कराया जा रहा। इनकी सूची जिलाधिकारी व आबकारी अधिकारी को भेजी गई है। कुछ दुकानों को शिफ्ट कराया जा चुका है। बाकी को भी कराया जाएगा। दुकानों के आसपास शराब पीने वालों को रोकने के लिए चेकिंग स्कीम भी लागू है। टीम समय-समय पर अभियान चलाकर शराब पीने वालों पर कार्रवाई करती हैं।
आए दिन फर्जी काल सेंटर पकड़े जा रहे, इस दिशा क्या सख्ती बरती जा रही?
देखिए, जिला आइटी कंपनी कार्यालय से लेकर तमाम कंपनियों के हेड आफिस का यहां गढ़ है। शातिर ठग कंपनी कार्यालय की आड़ में फर्जी काल सेंटर चलाते करते हैं। बाहर गलत बोर्ड भी लगाए रखते हैं। आइफारसी या अन्य कोई गोपनीय इनपुट, शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। कई नेटवर्क धवस्त किए गए हैं। ठगी में संलिप्त बैंक खातों को भी फ्रीज किया गया है। पिछले दिनों आपरेशन व्रज के माध्यम से 20 से ज्यादा काल सेंटर पर शिकंजा कसा गया। लोग अवैध काल सेंटर की सूचना पुलिस को दें। कार्रवाई होगी।
किरायेदारों के सत्यापन को लेकर ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे?
ऐसा नहीं है। समय-सयम पर अभियान चलाकर सेक्टर-सोसायटी के अलावा झुग्गी झोपड़ियों तक में सत्यापन अभियान चलाया गया है। हर रविवार को बीट अधिकारी एओए और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों संग भी बैठक करते हैं। भवन स्वामियों से अपील की जाती है कि वह किरायेदार का सत्यापन अवश्य कराए। इसके लिए आनलाइन और आफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध हैं। आफलाइन सत्यापन सूरजपुर मुख्यालय में कराया जा सकता है। किरायेदार को रखने के दौरान उसका आधार कार्ड, फोटो आदि समेत एक-दो मोबाइल नंबर भी रखने चाहिए।
शहर में सड़कों पर जाम रहता है, कैसी निजात मिलेगी?
जिले में वाहनों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही। सड़के अच्छी होने से स्पीड़ भी बढ़ी है। मुख्यमंत्री की बड़े शहरों को जाममुक्त कराने की योजना में गौतमबुद्ध नगर भी शामिल है। प्रमुख सड़कों पर जाम जैसी स्थिति न बने इसके लिए सड़कों से अतिक्रमण हटवाना, पुलिसकर्मियों को तैनात करना व रोड इंजीनियरिंग जैसी खामियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा। लोगों से भी अपील की जा रही कि नो लेन चेंज समेत यातायात नियमों का पालन करें।
स्कूल माल में आए दिन धमकी भरे मेल आते है। पुलिस क्या कदम उठा रही है?
ढाई साल में सात बार धमकीभरे मेल स्कूल, माल आदि में आए हैं। जांच के दौरान हर बार धमकी हाक्स काल निकली। संबंधित थानों में मामले दर्ज कर जांच कराई गई। यह सब भय का माहौल पैदा करने के लिए किया जाता है। जांच में यह भी पता चला है कि इनका पैटर्न साइबर ठगों जैसा होता है। ऐसी धमकियों को लेकर पैनिक होने से बचें।