नोएडा में हरनंदी किनारे दिखेगा लखनऊ के गोमती जैसा नजारा, 29000 करोड़ से बनेगा 25 किमी लंबा रिवर फ्रंट
नोएडा में गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर हरनंदी रिवर फ्रंट परियोजना तैयार की जाएगी, जिस पर 29315 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जिसमें 10,000 परिवारों का पुनर्व ...और पढ़ें

नोएडा में बनेगा 25 किलोमीटर लंबा रिवरफ्रंट। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
परियोजना पर 29315 करोड़ रुपये खर्च होंगे
10,000 परिवारों के पुनर्वास पर 4000 करोड़
हरनंदी के दोनों ओर 25 किमी सड़क बनेगी
कुंदन तिवारी, नोएडा। गौतमबुद्धनगर में अतिक्रमित हो चुकी हरनंदी को जल्द ही जीवन दान मिलने वाला है, क्योंकि गोमती की तर्ज पर हरनंदी रिवर फ्रंट परियोजना तैयार की जाएगी।
इसकी पूरी कार्ययोजना नोएडा प्राधिकरण ने तैयार कर ली है, इस पर 29315 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इस परियोजना की खासियत यह होग कि हरनंदी के दोनों ओर 2425 खर्च कर 25 किमी लंबी छह-छह लेने की सड़क बनाई जाएगी।
दोनों ओर हरियाली लोगी, लोगों के बैठने, घूमने, टहलने, बच्चों के मनोरंजन के लिए सुगम क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इस परियोजना को वर्ष 2031 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया।
बता दें कि परियोजना की कार्ययोजना को लेकर सोमवार को सेक्टर-14 स्थित नोएडा प्राधिकरण सीईओ कृष्णा करुणेश के कैंप कार्यालय में बैठक आयोजित हुई।
पहले फेज में पूरा होगा 50% काम
इस बैठक में सीईओ के साथ-साथ अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुष्पराज सिंह, ओएसडी क्रांति शेखर सिंह, पर्यावरणविद अभिष्ट कुसुम गुप्ता समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे।
इस दौरान परियोजना को धरातल पर उतारने में कहां-कहां पर दिक्कत आ सकती है। इस पर चर्चा की गई। बताया गया कि परियोजना को तीन फेज में पूरा किया जाएगा।
इसमें कुल परियोजना का 50 प्रतिशत कार्य प्रथम फेज में पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि इस परियोजना को पूरा करने में सबसे बडी चुनौती हरनंदी किनारे बसे लोगों को हटाने में आएगी।
10 हजार परिवारों का होगा पुनर्वास
इसमें 10 हजार परिवारों को चार हजार करोड़ कर पुनर्वास कराया जाएगा। हालांकि इस परियोजना को वर्ष 2012 में धरातल पर उतारने का प्रयास किया गया था, जिसमें 200 एकड़ जमीन भी प्राधिकरण ने खरीदी थी, लेकिन भूमाफिया ने इस जमीन पर अवैध कालोनी काट कर लोगों को बसा दिया है।
इस जमीन को वापस पाना भी प्राधिकरण के किसी भी चुनौती से कम नहीं होगा। इस परियोजना पर अंतिम निर्णय लेने के लिए शासन को भेजा गया है, इस पर मुख्यमंत्री निर्णय लेंगे कि परियोजना को किस प्रकार से धरातल पर उतरा जाए।
हरनंदी रिवर फ्रंट का कार्ययोजना
- जमीन खरीदी जाएगी : 15000 करोड़
- जमीन का कार्य : 380 करोड़
- छह लेन सड़क निर्माण : 2425 करोड़
- सड़क किनारे पत्थर भरना : 120 करोड़
- तटबंध का कार्य : 150 करोड़
- भूमि पर विकास कार्य : 7240 करोड़
- 10000 परिवार का पुनर्वास : 4000 करोड़
- कुल खर्च : 29315 करोड़
रिवर फ्रंट को 3 फेज में तैयार होगा
- फेज-वन : 12 किमी (डीएससी रोड ब्रिज से नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे रोड ब्रिज)
- फेज-टू : 05 किमी (बिसरख रोड ब्रिज से डीएससी रोड)
- फेज- थ्री : 08 (एनएच 24 (9) से बिसरख रोड ब्रिज)
हरनंदी रिवर फ्रंट को धरातल पर उतारने के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग एनओसी जारी करेगा, शासन तय करेगा कि इसको कैसे विकसित कराया जाए।
-कृष्णा करुणेश, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण।
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