चार चरणों में बसेगा 'नया नोएडा', 209 वर्ग किमी जमीन के लिए 37 गांवों का सर्वे शुरू; मुआवजे का फॉर्मूला तय
नया नोएडा परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें दो ओएसडी को 20-20 गांवों की जिम्मेदारी दी गई है। पहले चरण में गौतमबुद्ध नगर ...और पढ़ें

209 वर्ग किमी में बसेगा 'नया नोएडा। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
नया नोएडा के लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू
दो ओएसडी को 20-20 गांवों की जिम्मेदारी मिली
किसानों से बातचीत अगस्त के अंत तक होगी
जागरण संवाददाता, नोएडा। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तहत विकसित होने वाले ‘नया नोएडा’ को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है।
209.11 वर्ग किमी में विकसित होने वाली इस परियोजना के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नोएडा प्राधिकरण ने प्रक्रिया को रफ्तार देने के लिए दो नए ओएसडी को करीब 20-20 गांवों की जिम्मेदारी सौंपी है।
पहले चरण में 37 गांवों को जमीन के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इनमें बुलंदशहर के 24 और गौतमबुद्ध नगर के 13 गांव शामिल हैं। इन गांवों की जमीन से जुड़े आंकड़े जुटाए जा रहे हैं।
जानकारी आनलाइन उपलब्ध होने के साथ ही कागजी रूप में भी ली जा रही है। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद किसानों और भूमिधरों से बातचीत कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह बातचीत अगस्त के अंत तक शुरू हो सकती है।
पांच लेखपाल गांव-गांव पहुंचकर कर रहे जमीन का सर्वे
नवनियुक्त पांच लेखपालों ने भी किसानों से आपसी सहमति से जमीन लेने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। लेखपालों की टीम गांवों में पहुंचकर राजस्व अभिलेखों का सत्यापन कर रही है। साथ ही जमीन की वर्तमान स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
सर्वे के दौरान खेतों की स्थिति, जमीन के मालिकाना हक, खसरा-खतौनी और आबादी क्षेत्र से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। प्राधिकरण प्रारंभिक स्तर पर जमीन से जुड़े सभी अभिलेखों को अपडेट कर रहा है, ताकि किसानों से जमीन खरीदने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जा सके।
किसानों को 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा
जमीन लेने के लिए मुआवजा की दर 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त 3800 रुपये प्रति वर्गमीटर और सात प्रतिशत विकसित भूखंड भी शामिल किया गया है। जमीन किसानों से आपसी सहमति के आधार पर ही ली जाएगी।
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जमीन अधिग्रहण के लिए दो श्रेणियां बनाई गई हैं। 18 अक्टूबर 2024 के बाद किया गया निर्माण अवैध माना जाएगा। इसके लिए सैटेलाइट इमेज का सहारा लिया जाएगा। इस तारीख के बाद किए गए निर्माण को आबादी में नहीं माना जाएगा और उसका कोई मुआवजा नहीं मिलेगा।
नया नोएडा बनेगा औद्योगिक, आवासीय और लाजिस्टिक हब
‘नया नोएडा’ को औद्योगिक, आवासीय और लाजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने की योजना है। यानी यहां उद्योगों के साथ आवासीय क्षेत्र और सामान के आवागमन से जुड़ा ढांचा भी विकसित किया जाएगा।
परियोजना के आकार को देखते हुए बड़ी मात्रा में जमीन की जरूरत है, इसलिए प्राधिकरण पहले से ही जमीन के रिकॉर्ड और सर्वे का काम पूरा करने में जुटा है।
इस विकास का असर आसपास के क्षेत्रों पर भी पड़ेगा। औद्योगिक और लाजिस्टिक गतिविधियां बढ़ने के साथ लोगों के लिए रोजगार और काम के अवसर बनने की उम्मीद है।
हीं आवासीय क्षेत्र विकसित होने से यहां रहने के लिए नए क्षेत्र तैयार होंगे। किसानों के लिए भी जमीन खरीद की प्रक्रिया आपसी सहमति से होने और निर्धारित मुआवजा मिलने का रास्ता तैयार किया जा रहा है।
चार चरणों में तैयार होगा 'नया नोएडा'
‘नया नोएडा’ को चार चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 3,165 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास 2023 से 2027 के बीच किया जाएगा। इसके बाद दूसरे, तीसरे और चौथे चरण में क्रमशः 3,798, 5,908 और 8,230 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाएगा।
प्रत्येक गांव की जमीन लेने के बाद ईस्टर्न पेरीफेरल बनाने का प्रस्ताव भी है। इस तरह जमीन का सर्वे और किसानों से बातचीत का मौजूदा चरण परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इन गांवों में शुरू हुई तैयारी
बुलंदशहर के बिरोंडी फौलादपुर, बिरोंडी तेजपुर, चोला, डिमरी आदिलपुर, गोपालपुर, हृदयपुर, जोखाबाद, कैथरा, कनवरा, काड़ू, किशनुपर, लुहाकर, मुरादाबाद, नगलाबरोधा, नवादा, राजरमपुर, राजपुर खुद्र, सबदलपुर सलेमपुर कायस्थ, सनवाली, शाहपुर कालन, सेरपुर और सिकरा। गौतमबुद्ध नगर के आनंदपुर, बैरंगपुर उर्फ नई बस्ती, बील अकबरपुर, छायसा, दया नगर, गिरिराजपुर, कोट, मिलक खंडेरा, नगला कामरू, नगला न्यानसुख, नेकरामपुर उर्फ विशनुपर, फूलपुर और सैंथली।
‘नया नोएडा’ चार चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 3,165 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास 2023 से 2027 के बीच किया जाएगा। इसके बाद के चरणों में क्रमशः 3,798, 5,908 और 8,230 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाएगा।
-महिमा राजपूत, ओएसडी भूलेख, नोएडा प्राधिकरण।
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