'हर रोज 1000 की दिहाड़ी', नाबालिगों के सहारे नोएडा में फल-फूल रहा गांजा तस्करी का धंधा; कहां-कहां फैला नेटवर्क
नोएडा में नाबालिगों का इस्तेमाल कर गांजा तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क चल रहा है, जहां उन्हें प्रतिदिन 1000 रुपये दिए जाते हैं। पुलिस ने 40 दिनों में 13 न ...और पढ़ें

नोएडा में फैला गांजा तस्करी का धंधा।
HighLights
नाबालिगों को 1000 रुपये दिहाड़ी पर गांजा तस्करी में लगाया।
पुलिस ने 40 दिनों में 13 नाबालिगों और 15 तस्करों को पकड़ा।
नाबालिग पुलिस की नजरों से बचने के लिए इस्तेमाल होते हैं।
मुनीश शर्मा, नोएडा। एक हजार रुपये दिहाड़ी पर नाबालिगों के सहारे नोएडा में गांजा तस्करी का नेटवर्क फल-फूल रहा है। नाबालिग गांजा पहुंचाने संग गिरोह के लिए नाक, कान व आंख बने हैं।
पुलिस या नए ग्राहक के आने की सूचना पहले तस्करों तक पहुंचाते हैं। गांजा तस्कर नूरी, हेमा व उनके साथियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में यह बातें सामने आई हैं।
फेज वन थाना पुलिस 40 दिनों में दोनों गिरोह से जुड़े 13 नाबालिगों को गांजे संग पकड़ा है व उनसे गांजा बिकवाने वाले 15 तस्करों को जेल भेजा है।
बच्चों को बना रहे तस्करी का हिस्सा
फेज वन और सेक्टर-20 थाना क्षेत्र की आठ जेजे कॉलोनियों के अधिकांश लोग मजदूरी करते हैं या रिक्शा आदि चलाते हैं। मादक पदार्थ बेचने वाले नूरी व हेमा जैसे गिरेाह के सदस्य इन बच्चों को अपने तस्करी के नेटवर्क का हिस्सा बना रहे हैं। तस्कर बच्चों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पैकेट पहुंचाने के लिए एक हजार रुपये देते हैं। अधिकांश को पता ही नहीं होता कि व पैकेट में क्या है।
गांजा पहुंचाने के देते थे एक हजार
फेज वन थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान शुक्रवार रात को सेक्टर-8 स्थित नर्सरी के पास से एक संदिग्ध नाबालिग को पकड़ा। उससे 1250 ग्राम अवैध गांजा मिला। उसकी पहचान सेक्टर 10 के 16 वर्षीय किशोर के रूप में हुई।
पूछताछ में बताया कि वह सेक्टर-17 की झुग्गी में रहने वाले नन्हे, सुखवीर, सूरज से गांजा के पैकेट लेकर एक स्थान से दूसरी जगह पहुंचाता है। बदले में प्रतिदिन एक हजार रुपये मिलते हैं। मुनाफे का काफी हिस्सा नन्हे रखता है। वह उसको कभी-कभी गांजा भी पिलाता है।
बच्चा होने के कारण पुलिस नहीं करती शक
फेज वन थाना पुलिस ने 29 जुलाई को सेक्टर-8 से 16 वर्षीय किशोर को 1150 ग्राम अवैध गांजे संग पकड़ा। उसकी पहचान सेक्टर 10 के एक कालोनी के रहने वाले के रूप में हुई।
खबरें और भी
पूछताछ में बताया कि वह नूरी के लोगों से गांजा लाकर सप्लाई करता है। बदले में रोज मिलने वाले एक हजार रुपये से शौक व खर्चे पूरे करता है। बच्चा होने के कारण पुलिस भी शक नहीं करती है। वह पुलिस के सामने से आसानी से निकल जाता है। छह माह से काम करना बताया।
यह भी पढ़ें- मादक पदार्थ तस्करी से साइबर ठगी तक... नोएडा पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां क्या?
मादक पदार्थ तस्करी वाले शातिर तस्करों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा। पुलिस का प्रयास है कि नूरी व हेमा को ज्यादा से ज्यादा समय तक जेल में रखा जाए। इनके खिलाफ पिट-एनडीपीएस एक्ट की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। इनके गिरोह में शामिल परिजन के अलावा अन्य सदस्यों को भी जेल भेजा जा रहा है। - साद मियां खान, डीसीपी नोएडा व नारको