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    पैदल चलने के लिए बने फुटपाथ पर EV चार्जिंग प्वाइंट, नोएडा में राहगीरों की राह क्यों रोकी जा रही?

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 03:53 AM (IST)

    नोएडा में फुटपाथों पर बने ईवी चार्जिंग प्वाइंट पैदल राहगीरों के लिए बाधा बन रहे हैं और सुरक्षा जोखिम पैदा कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजू ...और पढ़ें

    नोएडा में फुटपाथों पर बने ईवी चार्जिंग प्वाइंट पैदल राहगीरों के लिए बाधा बन रहे हैं

    नोएडा में फुटपाथों पर बने ईवी चार्जिंग प्वाइंट पैदल राहगीरों के लिए बाधा बन रहे हैं

    प्रवेंद्र सिंह सिकरवार, नोएडा। शहर में बने ईवी (इलेक्ट्रिकल व्हीकल) चार्जिंग प्वाइंट ने सड़कों पर कब्जा किया है। सु्प्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि फुटपाथ पैदल राहगीरों के लिए हैं। यहां किसी तरह का अतिक्रमण या कब्जा नहीं किया जा सकता। नोएडा में प्राधिकरण पर अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी है, लेकिन अनुबंध कर अलग-अलग कंपनियों को फुटपाथ पर कब्जा कर चार्जिंग प्वाइंट बनाने की अनुमति दी गई।

    यहां चार्जिंग प्वाइंट लगाने में नीतियों का पालन नहीं हुआ। कई चार्जिंग प्वाइंट खराब हो चुके हैं। लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर यह चार्जिंग प्वाइंट बनाए गए। अब बैटरी स्वैपिंग प्वाइंट भी फुटपाथ पर बनाने का कार्य जारी है।

    2019 में नोएडा प्राधिकरण और ईईएसएल (एनर्जी इंफीसिएंसी सर्विस लिमिटेड) को 169 चार्जिग प्वाइंट बनाने थे। कंपनी ने सिर्फ 35 प्वाइंट बनाए। यह सभी फुटपाथ पर बनाए गए। नए अनुबंध में 13 स्वैपिंग प्वाइंट बनने हैं। इनमें से छह फुटपाथ पर बनाए गए हैं। शेष सात स्वैपिंग प्वाइंट फुटपाथ पर ही बनाने के लिए स्वीकृत हैं।

    नोएडा प्राधिकरण की भविष्य में 100 नए चार्जिंग स्टेशन और बनाने की योजना है। नोएडा प्राधिकरण से हुए अनुबंधों में कंपनियों को फुटपाथ पर चार्जिंग प्वाइंट बनाने की अनुमति दी गई। सेक्टर-59 में वेंडिंग जोन से सटकर फुटपाथ पर बना चार्जिंग प्वाइंट खराब पडा है।

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    सेक्टर-3 में फुटपाथ पर लगे प्वाइंट से हजारों कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है। यहां करीब एक हजार कंपनी और औद्योगिक इकाइयों में पच्चीस हजार से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। सेक्टर-61 में शाप्रिक्स माल के सामने बना प्वाइंट खराब है जिसने पैदल राहगीरों का रास्ता रोक रखा है।

    सेक्टर-16 में नाले के ऊपर चार्जिंग प्वाइंट बना दिया गया है। यहां वाहन खडे हाेते हैं। सेक्टर-18 जैसे व्यस्त वाणिज्यिक इलाके में होटल के बाहर फुटपाथ पर पाइंट लगाने से पैदल यातायात प्रभावित हो रहा है। ये चार्जिंग प्वाइंट न केवल राहगीरों के लिए असुविधा पैदा कर रहे हैं, बल्कि कई जगह खराब पड़े होने के कारण किसी काम के भी नहीं रह गए हैं।

    सेक्टर-3 में सेक्टर-16 मेट्रो स्टेशन के पास

    • समस्या: यहां 25 हजार से अधिक कर्मचारी कंपनी और उद्योगों में कार्यरत हैं। यहां चार्जिंग प्वाइंट बनने से इनकी पैदल राह मुश्किल हो गई है। वर्षा दौरान यहां बने चार्जिंग प्वाइंट का खतरा और बढ़ जाता है।
    • जिम्मेदारी विभाग: नोएडा प्राधिकरण

    सेक्टर-18 में होटल के बाहर फुटपाथ पर

    समस्या: यहां हाेटल के बाहर फुटपाथ पर चार्जिंग प्वाइंट बनाया गया है। यह वाणिज्यिक सेक्टर है। सुबह और शाम यहां पर भीड़ रहती है। चार्जिंग प्वाइंट से पैदल राहगीरों को मुश्किल होती है।

    सेक्टर 61 शाप्रिक्स मॉल के बाहर

    छह वर्ष पूर्व यहां फुटपाथ पर बना चार्जिंग प्वाइंट खराब हो चुका है। लंबे समय से यह खराब है। इस मार्ग पर पैदल राहगीर भी अधिक है। फुटपाथ पर बना चार्जिंग प्वाइंट राहगीरों की राह रोक रहा है।

    सेक्टर-16 में नाले के ऊपर

    सेक्टर-16 में नाले के ऊपर चार्जिंग प्वाइंट बनाया गया है। नाले के ऊपर वाहनों की पार्किंग भी की जा रही है। इससे खतरा और बढ जाता है। वाहन चार्जिंग व बैटरी चार्जिंग के दौरान घटना विकराल रूप ले सकती है।

    चार्जिंग प्वाइंट पार्किंग के पास बनाए जाने चाहिए। इससे वाहन चालकों को भी सुविधा होगी। फुटपाथ पर किसी तरह का अतिक्रमण नहीं होना चाहिए।

    -एसके जैन, अध्यक्ष सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन

    फुटपाथ पर बना चार्जिंग प्वाइंट उपयोग में ही नहीं है तो इसको बिना देरी के हटा देना चाहिए। यह हटेगा तो पैदल राहगीरों को सुविधा मिलेगी।

    -राजीव चौधरी, सेक्टर-61 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष

    सेक्टर-3 में 50 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी मेट्रो से आते हैं। फुटपाथ पर लगे चार्जिंग प्वाइंट को इनकी सुविधा के लिए हटाया जाना चाहिए।

    -अरविंद शर्मा, सेक्टर-3

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