नोएडा में ई-बसों को छोड़कर ऑटो बने यात्रियों की पहली पसंद, समय और पैसे की बचत बनी वजह
नोएडा में ई-सिटी बसों का किराया छोटी दूरी के लिए महंगा होने के कारण यात्री ऑटो रिक्शा को प्राथमिकता दे ...और पढ़ें
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मोरना डिपो पर खडी ई-बस। जागरण
HighLights
ई-बसों का न्यूनतम किराया छोटी दूरी के लिए ऑटो से महंगा।
यात्री कम किराए और तुरंत उपलब्धता के लिए ऑटो चुन रहे।
लंबी दूरी की यात्रा के लिए ई-बसें अभी भी सस्ती विकल्प।
प्रवेंद्र सिंह सिकरवार, नोएडा। ई-सिटी बस सेवा शुरू होने के बाद आम यात्री एक से पांच किमी की छोटी दूरी के लिए महंगी टिकट होने से इलेक्ट्रिक बसों को छोड़कर ऑटो रिक्शा का सहारा ले रहे हैं। इस दूरी का ऑटो में किराया 10 व 20 रुपये है, जबकि ई-बसों का टिकट 20 व 30 रुपये है।
छोटी दूरी पर भी न्यूनतम 20 रुपये का टिकट तय होने से यात्री ऑटो से यात्रा कर रहे रहे हैं। बता दें ई-सिटी बसों का किराया 20, 30 व 50 रुपये तय है। सेवा शुरू होने के दौरान ही लोगों ने किराया 10, 20, 30, 40, 50 रुपये रखने की मांग की थी। परिवहन निगम ने भी कम दूरी के किराये को महंगा माना, पर कमी नहीं की जा सकी।
वर्तमान में ई-बसों में टिकट की दरें 20, 30 और 50 रुपये ही हैं। लोग किराया कम करने की लगातार मांग कर रहे हैं। ई-बसों के संचालन से पहले भी यह मुद्दा उठा पर किराये की दरों में कोई संशोधन नहीं हुआ।
15 मिनट में मिलतीं हैं बसें, हर मिनट ऑटो की उपलब्धता
शहर के रूट पर संचालित ई-बसों में बैठने के लिए यात्रियों को 15 मिनट का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, इन्हीं रूट पर हर मिनट में ऑटो की उपलब्धता है। समय व पैसे की बचत के लिए यात्री कम किराया होने से जोखिम भरा सफर ऑटो में करते हैं।
लंबी दूरी का सस्ता सफर
ई-सिटी बसों में लंबी दूरी का सफर सस्ता है। इसीलिए इसमें यात्री लंबी दूरी का सफर करने पर ही बैठते हैं। बोटेनिकल गार्डन से 20 से 60 किमी दूर तक के पांच विभिन्न रूट हैं। पांच किमी से अधिक दूरी के सफर के लिए लोग ई-बसों में बैठ रहे हैं।
इंतजार के बाद बस मिल रही हैं। ऑटो हर वक्त मिलते हैं। बसों का किराया ऑटो के बराबर रखना चाहिए या ई-बसों के रूट पर ऑटो नहीं चलने चाहिए।
-मंजर
दूरी के मुताबिक ई-बसों में किराया तय किया जाना चाहिए। इस पर मंथन करना जरूरी है। कम दूरी के लिए ऑटो और ई-रिक्शा सस्ते हैं।
-उत्कर्ष भट्ट
